राष्ट्रीय (07/11/2019) 
दिल्ली सरकार के पास प्राइज स्टेबिलाइजेशन फंड है जिसका इस्तेमाल बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए किया जाता है-मनोज तिवारी

नई दिल्ली, 7 नवम्बर। भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष  मनोज तिवारी ने दिल्ली में प्याज के दामों में आये जबरदस्त उछाल को केजरीवाल सरकार की लापरवाही बताते हुय कहा कि प्याज ने एक बार फिर दिल्ली की जनता के किचन का बजट बिगाड़ दिया है, दामों में जबरदस्त इजाफा दर्ज किया गया है और प्याज दिल्ली में 100 रूपये प्रति किलों बिक रही है और यदि यही स्थिति रही तो 100 का आंकड़ा पार कर जायेगी। 100 रूपये के दाम में प्याज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग व मध्यम वर्ग के लोगों की पहुंच से दूर जा रही है। प्याज की समस्या को लेकर केन्द्र सरकार ने दिल्ली सरकार को कई बार पत्र लिखकर प्याज के भण्डारण के लिए कहा, लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री ने प्याज की पर्याप्त मात्रा बताकर केन्द्र सरकार से प्याज लेने से इंकार कर दिया। आखिर मुख्यमंत्री जनता के दुश्मन बने हुये हैं, जमाखोरों को क्यों बढ़ावा दे रहे हैं। प्याज जैसी मूल खाद्य पदार्थ की बढ़ती कीमतों को रोकने में क्यों केजरीवाल सरकार फेल है।

 

  तिवारी ने कहा कि दिल्ली सरकार के पास प्राइज स्टेबिलाइजेशन फंड है जिसमें उपलब्ध करोड़ों रूपये आपातकाल में बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने व भण्डारण के लिए है, यदि दिल्ली सरकार ने इसका इस्तेमाल किया होता तो आज दिल्ली में प्याज की कीमतें आसमान न छू रही होती। केन्द्र सरकार ने प्राइज स्टेबिलाइजेशन फंड का इस्तेमाल करके भंडारण किया है जिसे वह केन्द्रीय भण्डार, नैफेड, एन.सी.सी.एफ और मदर डेयरी के बूथों के माध्यम से 23.90 पैसे प्रति किलों प्याज बेच रही है। सितम्बर में ही दिल्ली के मुख्यमंत्री को प्याज संकट के बारे में केन्द्र सरकार द्वारा चेता दिया गया था, लेकिन दलगत राजनीति से प्रेरित मुख्यमंत्री ने जनता के हित को किनारें कर विज्ञापनों पर करोड़ों रूपये खर्च किये। प्राइज स्टेबिलाइजेशन फंड का प्रयोग न कर केजरीवाल सरकार ने दिल्ली की जनता को मंहगाई की मार झेलने के लिए अकेला छोड़ दिया है। दिल्ली में पिछले एक हफ्ते में प्याज का खुदरा मूल्य 45 प्रतिशत बढ़कर 100 रुपये किलो को पार करने जा रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक एक अक्टूबर को प्याज का भाव 65 रुपये किलो था। आकंड़ों के मुताबिक प्याज की कीमतों में पिछले साल की तुलना में करीब तीन गुना वृद्धि हुई है और इसी बढ़ोतरी की जिम्मेदार केजरीवाल सरकार है।

 

  तिवारी ने कहा कि कालाबाजारी को बढ़ावा देने वाले मुख्यमंत्री की मिलीभगत प्याज के स्टॉक होल्डर के साथ है जिन्हें फायदा पहुंचाने के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर बार बार कोशिश की जा रही है। आखिर कब तक जनता बर्दाश्त करेगी, दिल्ली सरकार ने सब्सिडी पर प्याज और टमाटर बेचने की बात कही थी, लेकिन अफसोस दिल्ली की सड़कों पर सरकारी गाड़ी ऐसी नहीं दिखी जो केजरीवाल सरकार की ओर से जनता को राहत पहुंचाने का काम कर रही हो। बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने में विफल केजरीवाल सरकार ऐसी सरकार है जो जनता के सुख-दुख को किनारे कर सत्ता में बने रहने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती है, लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव में दिल्ली की जनता भाजपा के पक्ष में मतदान करके केजरीवाल सरकार को सत्ता से बाहर करेगी।

 

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