राष्ट्रीय (08/01/2020) 
केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेता कच्ची कालोनियों के निवासियों को बहकाने का पाप न करें - विजेन्द्र गुप्ता

नई दिल्ली, 8 जनवरी।  दिल्ली भाजपा कार्यालय में आज नेता विपक्ष  विजेन्द्र गुप्ता एवं सांसद  हंसराज हंस ने कच्ची कालोनियों की रजिस्ट्री को लेकर केजरीवाल सरकार द्वारा उठाये जा रहे सवालों पर एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस अवसर पर मीडिया प्रमुख  अशोक गोयल देवराह उपस्थित थे। व्यवसायी  अशोक सिंह ने अपने घर के मालिकाना हक की रजिस्ट्री भी पत्रकारों को दिखाई।

पत्रकारों को संबोधित करते हुये नेता प्रतिपक्ष  विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि डीडीए में रजिस्ट्रेशन के बाद डीडीए द्वारा दी जा रही कंवेयन्स डीड को दिल्ली सरकार के रजिस्ट्रार द्वारा की जा रही रजिस्ट्री को ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल फर्जी बता रहे हैं। राजनीतिक स्वार्थ के कारण मुख्यमंत्री अपनी सरकार द्वारा दी जा रही रजिस्ट्री को भी फर्जी बता रहे हैं, जो हास्यास्पद है। उन्होंने कहा मालिकाना हक मिलने के बाद आज कच्ची कालोनियों में लोन देने के लिये बैंकों में होड़ लगी है। यहां तक कि प्राइवेट बैंक भी लोन देने को तैयार हैं। व्यवसायी  अशोक सिंह का हवाला देते हुये  गुप्ता ने कहा कि  अशोक सिंह को व्यवसाय के लिये 60 लाख का लोन देने के लिये आई.सी.आई.सी.आई., एक्सिस, एचडीएफसी, बैंक आॅफ बड़ौदा में प्रतिस्पर्धा हो रही है।   

पत्रकारों को संबोधित करते हुये  विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेताओं को चेतावनी दी कि वे कच्ची कालोनियों के लाखों परिवारों को बहकाने का पाप करने से बाज आयें। नहीं तो परमेश्वर रूपी जनता आगामी विधान सभा चुनावों में उन्हें कड़ा सबक सिखायेगी। उन्होंने अनधिकृत कालोनियों में रहने वाले 40 लाख से भी ज्यादा निवासियों को विश्वास दिलाया कि अब उन्हें अपने मकानों का मालिकाना हक दिलाने का भाजपा सरकार का विजय रथ अब तेजी से चल पड़ा है। अब यह हर घर की पक्की रजिस्ट्री से पहले नहीं रूकेगा। सरकार द्वारा हर घर के मालिक को रजिस्ट्री के दस्तावेज और कन्वेयन्स डीड सौंपने के काम ने गति पकड़ ली है। ऐसे में मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेताओं को क्या दिक्कत है।

नेता विपक्ष ने कहा कि अब तक डीडीए की वेबसाइट पर लगभग एक लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। लोगों को भाजपा सरकार पर पूरा विश्वास है। मुख्यमंत्री केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेता किसी भी कीमत पर अनधिकृत कालोनियों में मकानों की रजिस्ट्री नहीं रोक सकते। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल कच्ची कालोनियों में की जा रही रजिस्ट्री को फर्जी बताकर जनता को गुमराह करने का दुःसाहस न करें। आज जब बैंकों ने रजिस्ट्री के लिये लोन की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है, तब तो लोगों को भ्रमित करने से मुख्यमंत्री को बाज आ जाना चाहिये।


 विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि अनधिकृत कालोनियों में रहने वाले लोगों को भ्रमित कर उनके हक मिलने में रोड़ा बनने वाले केजरीवाल को संवैधानिक पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। मोदी सरकार ने अनधिकृत कालोनियों के निवासियों को मालिकाना हक देकर एक ऐतिहासिक काम किया है। इससे कालोनियों का स्वतः नियमितीकरण तो होगा ही अपितु यह नियमितीकरण से कहीं व्यापक है। सरकार इसके द्वारा मकान मालिक को जमीन का हक दे रही है। सरकार मात्र ढांचे को नियमित ही नहीं कर रही है अपितु वह प्लाॅट तथा बिल्डिंग के मालिक को कालोनी के विकास की चाबी सौंप रही है।  

नेता विपक्ष ने कहा कि केजरीवाल भोली भाली जनता को भ्रमित न करे। उन्होंने कहा कि संसद में जो बिल पारित हुआ था उसका शीर्षक था राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली (अनधिकृत कालोनियों के निवासियों के सम्पत्ति अधिकार की मान्यता)  बिल, 2019। यह बिल सभी और संवैधानिक औपचारिकताओं को पूरा करते हुये संसद द्वारा पारित किया गया था। केजरीवाल संसद की मर्यादा का सम्मान करते हुये इसके किसी भी प्रावधान पर जनता को भ्रमित करने से बाज आयें।

 विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल ने कल अपने टाउन हाॅल कार्यक्रम में पूछा था कि कृषि भूमि पर बिना लेंड यूज चेंज करे रजिस्ट्री कैसे की जा सकती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के 89 गांवों को केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में शहरीकृत घोषित कर दिया गया है। ऐसे में अब अनधिकृत कालोनियों में कृषि योग्य भूमि शहरीकृत भूमि में परिवर्तित हो चुकी है। अतः मुख्यमंत्री द्वारा इसको लेकर लोगों में शंका पैदा करवाना यह दर्शाता है कि वे जनता को बेवकूफ समझ रहे हैं।

उत्तर पश्चिमी दिल्ली से सांसद  हंसराज हंस ने कहा कि मोदी जी ने देश के गरीबों के परेशानी को महसूस किया और उनके कल्याण के लिए कई अहम कदम उठाए लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री गरीब-विरोधी हैं इसलिये नहीं चाहते हैं कि दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे गरीबों तक केंद्र की योजनाएं पहुंचे। कोई इंसान इतना मतलबी कैसे हो सकता है, क्या केजरीवाल के लिए गरीबों की परेशानियां मायने नहीं रखती? प्रत्यक्ष को प्रमाण की जरूरत नहीं होती है। मुझे ये देखकर बहुत अच्छा लग रहा है कि अब झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों को पक्का घर मिलेगा और अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मालिकाना हक मिल रहा है। मोदी जी चाहते तो दिल्ली के लोगों से बस चुनावी वादे करते और बाद में इन वादों को पूरा करते लेकिन भाजपा सरकार अपने वादों को पूरा करती है और यही प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने झुग्गी-झोपड़ी वालों को पक्का घर और अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित कर के किया है।  

जमीन की कन्वेयन्स डीड मिलने की खुशी जाहिर करते हुए कच्ची कॉलोनी में रहने वाले व्यापारी  अशोक सिंह ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी का आभार जताते हुए कहा कि मोदी जी के वजह से ही अब हर वर्ग के लोग अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। पहले अपने व्यव्साय के विस्तार के लिए जब मैं लोन के लिए किसी बैंक में जाता था तो बैंक वाले टालते रहते थे और कहते थे कि इस जमीन का कोई मूल्य नहीं है लेकिन जब से कच्ची कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को जमीन का कन्वेयन्स डीड मिला है तब से बैंक वाले खुद ही लोन के लिए फोन करके बुलाते हैं, कभी-कभी तो घर भी आ जाते हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कभी भी कच्ची कॉलोनियों की तरफ जाकर नहीं देखा और जाना कि वहां रह रहे लोगों को किन-किन मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

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