04/08/2013  बीमा कंपनियो का नया फंडा
बीमा कंपनियो के लोगो के लिए अपने टारगेट को पूरा करने की चुनौती होती है तभी उनको सैलरी मिलती है | लोग बीमा एजेंट को देखकर अपने घर के दरवाज़े बंद कर देते है | पिछले कुछ सालों में मार्किट में बीमा कंपनियो का आना जाना लगा रहा है | बिमा कंपनी में नौकरी करने वाला सेल्स अफसर या फिर एजेंट अपने नौकरी को देखकर चिंतित ही रहता है | ज्यादा तनख्वाह का लालच लोगो को बिमा कंपनी में नौकरी करने के लिए मजबूर कर देता है !लेकिन असलियत का पता बाद में चलता है जब टारगेट पूरा न होने की वजह से तनख्वाह नहीं मिलती | बीमा एजेंट भी सब्जिओं की तरह थोक में मिलते हैं |

आजकल बीमा कंपनियो ने नया फंडा शुरू किया है | अब ग्राहक को पैसे का लालच दिखाया जाता है | टेली कॉलर्स ग्राहक को फ़ोन करके कंपनी की तरफ से बिना किसी ब्याज के पहले से मंजूरशुदा लोन दिलवाने का वादा करते है | ग्राहक कंपनी द्वारा बिना किसी ब्याज के, बिना किसी जांच से पैसा मिलने को उत्सुक हो जाता है | लेकिन पहले से मंजूरशुदा लोन जीरो प्रतिशत पर हासिल करने के लिए ग्राहक को कंपनी से बीमा करवाना पड़ता है और मोटी रकम बीमे के लिए देनी पड़ती है | एक बार जब बीमा हो जाये तो कंपनी पहले से मंजूरशुदा बिना ब्याज का लोन ग्राहक को देने में मुश्किलें खड़ी करके लोन देने से इनकार कर देती है |

न चाहते हुए भी ग्राहक का बिमा हो जाता है और कंपनी का काम चलता रहता है | ये काम चलाने का तरीका आम आदमी की भावनाओं से खिलवाड़ है | ये खबर ताजा सबूतों पे आधारित है |

संदीप कुमार मदान
विशेष संवाददाता
लुधियाना
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