05/08/2013  डाक्टर वाई एस परमार को पुष्पांजलि अर्पित
कृतज्ञ प्रदेशवासियों ने हिमाचल निर्माता स्वर्गीय डा. यशवंत सिंह परमार को उनकी 107वीं जयंती पर याद किया। मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने हिमाचल निर्माता एवं प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय डा. यशवंत सिंह परमार की जयन्ती पर आज यहां हिमाचल प्रदेश विधानसभा पुस्तकालय में आयोजित समारोह में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. डा. परमार पहाड़ी संस्कृति, सभ्यता एवं शालीनता के प्रतीक थे। उन्होंने इस पहाड़ी प्रदेश के लोगों में आत्मविश्वास पैदा कर हिमाचल प्रदेश के निर्माण की बुनियाद रखी। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने प्रदेश के अलग अस्तित्व की पैरवी की और इसे सकारात्मक रूप प्रदान किया। उन्होंने कहा कि इस कार्य में प्रदेश के लोगों तथा कांग्रेस पार्टी की विशेष भूमिका रही।
श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की पहली पंचवर्षीय योजना मात्र 6 करोड़ रुपये की थी। प्रदेश में सशक्त नेतृत्व और केंद्र के सहयोग से पंचवर्षीय योजनाओं के आकार में वृद्धि हुई, जिससे प्रदेश का तीव्र विकास सुनिश्चित हुआ। यही वजह है कि आज हिमाचल प्रदेश विकास के मामले में देश के कई बड़े राज्यों की तुलना में अग्रणी है। उन्होंने प्रदेश के गठन और इसके विकास की गाथा एवं इतिहास का सही चित्रांकन करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि भावी पीढ़ी उस समय की सोच और संकल्प के बारे में भी जान सकें और अपने गौरवमयी इतिहास एवं नेतृत्व को याद रख सके।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डा. यशवंत सिंह परमार की दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप ही हिमाचल प्रदेश के विकास को नई दिशा मिली। उन्होंने कहा कि डा. परमार ने लोक परम्पराओं और लोक संस्कृति को विशिष्ट पहचान दी। 
इस अवसर पर विधायक एवं सभापति पटल के सदस्य श्री कुलदीप कुमार ने कहा कि डा. परमार महान व्यक्तित्व थे। अध्ययन में उनकी गहन रूचि थी। बतौर मुख्यमंत्री वह काफी समय पुस्तकालय में बिताते थे, जिसकी झलक उनके भाषणों एवं विचारों में साफ झलकी थी। 
विधानसभा अध्यक्ष श्री बुटेल ने इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह को पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 2 लाख 51 हजार रुपये का बैंक ड्राफट तथा विधानसभा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ओर से 1 लाख 17 हजार रुपये का चैक भेंट किया।
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