18/11/2013  हिमाचल लोकहित पार्टी के प्रदेशअध्यक्ष महेश्वर सिंह उठाए कई सवाल
कौशल भत्ते से बेरोजगारों को व्यापक राहत नहीं मिल पाएगी, जंगली जानवरों से किसानों को बचाने के लिए की जा रही कार्यवाही असंतोषजनक है। इसके अलावा आशा वर्कर भी शायद ही ग्रामीणों की आशा पर खरे उतर पाऐंगे। हिमाचल लोकहित पार्टी के प्रदेशअध्यक्ष महेश्वर सिंह ने सोलन में पत्रकार वार्ता के दौरान  सरकार द्वारा करवाए जा रहे सभी विकास कार्यों पर प्रश्नचिंह लगाते हुए यह बात कही। 
उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही कौशल विकास भत्ते की योजना पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यह योजना बेरोजगारों को ठगने जैसा है। क्योंकि इस भत्ते से केवल युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते है लेकिन उन्हें उसके उपरांत रोजगार की कोई गारंटी नहीं है। उन्होंने जंगली जानवरों के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार द्वारा नसबंदी केद्र खोना बेतुका सा है। इसकी बजाए कैंप में नसबंदी होनी चाहिए लेकिन उसके लिए कहा जाता है कि वह हाइजैनिक नहीं है। उन्होंने सदन में पेश किए बंदरों के आंकड़ों का मजाक उडाते हुए कहा कि कैसे ये साबित होगा कि कितने मादा और नर बंदर जंगल में हैं। 
प्रदेश सरकार की आशा वर्कर योजना पर कहा कि यह योजना ग्रामीणों की आशा पर खरा उतरने वाली नहीं है। क्योंकि इसमें कोरम पूरा नहीं होने की पूरी संभावना है। उन्होंने कहा कि बंद कमरे में की जाने वाली भर्ती में धांधलीयों की पूरी आशंका बनी रहती है। उनका कहना था कि प्र्रदेश में मनरेगा ही सही ढ़ग से नहीं चल पा रही है।
उन्होंने अपने पुत्र के एचपीसीए में डायरेक्टर होने को सही ठहराते हुए कहा कि अन्य राजनीतिक परिवारों में भी ऐसी स्थिति देखने को मिलती है। उन्होने एचपीसीए एवमं खेल मैदानों पर सरकार द्वारा की गई कार्यवाही को सही ठहराते हुए इस पर सरकार का पक्ष लिया है। 
वहीं महेश्वर सिंह ने कार्यकर्ताओं द्वारा पार्टी छोडे जाने के सवाल पर खुले तौर पर कहा कि उन्हें पार्टी छोड़ने वाले लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। साथ ही यह भी कहा कि पार्टी में कोई भी आए या जाए उन्हें कोई भी फर्क नहीं पड़ता है।
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