02/01/2015  मेले देश की सभ्यता और संस्कृति को बढावा देते हैं- सोहता
झुंझुनूं, 2 जनवरी(नि.सं.)। जिला कलेक्टर तथा शेखावाटी हस्तशिल्प एवं पर्यटन मेले के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि सलविन्द्र सिंह सोहता ने कहा है कि मेले देश की ग्रामीण सभ्यता, संस्कृति और हस्तशिल्प और परम्परागत खेलों को जीवित रखने के साथ-साथ उन्हें बढ़ावा देने के मंच है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मेले आयोजित कर हम अपनी सभ्यता, संस्कृति को अपनी आने वाली पीढी हस्तांतरित कर सकते हैं और इसके साथ-साथ हस्तशिल्पियों और छोटे उद्यमियों, दस्तकारों को उनके उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार उपलब्ध करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस मेले का प्रारम्भ 1997 में किया गया था और ग्रामीण हाट आबूसर में इस मेले का आयोजन 2005 से किया जा रहा है। सोहता ने कहा है कि इस मेले की राज्य में अपनी प्रतिष्ठा है और उसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करना उनकी प्राथमिकता होगी। इसके लिए इसे अधिक आकर्षक बनाकर इसका अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि शेखावाटी हस्तशिल्प एवं पर्यटन मेले से अधिक से अधिक लोग जुड़े और जिले के हस्तशिल्पियों, दस्तकारों और लघु उद्यमियों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध हो, तभी इस मेले की सार्थकता सिद्घ होगी। मेला समिति के सदस्य सचिव मनीराम ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि जिला प्रशासन, उद्यम प्रोत्साहन संस्थान तथा जिला उद्योग केन्द्र द्वारा आयोजित इस 7 दिवसीय मेले का लुफ्त अधिक से अधिक लोग उठा सकें इसके लिए नि:शुल्क बसों की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि मेले में 150 स्टाल्स लग चुकी है। 
            जिला कलेक्टर ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। इसके पश्चात अतिथियों ने सरस्वती की प्रतिमा को पुष्प अर्पित कर बैण्डवादन के साथ मेले के मुख्य समारोह स्थल की ओर प्रस्थान किया। जेजेटी यूनिवसिर्टी के प्रतिनिधि देवकी नंदन तुलस्यान एवं रामनिवास सोनी द्वारा अतिथियों का दुपट्टा ओढाकर स्वागत किया गया। इस मौके पर अतिथियों द्वारा हवा में गैस के गुब्बारें भी छोडे गए। समारोह में राणीसती बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत, राजस्थानी शिशु मंदिर स्कूल के छात्रों द्वारा गणपति वंदना, रामादेवी महिला पीजी महाविद्यालय हरनाथपुरा की छात्राओं द्वारा घूमर नृत्य, न्यू राजस्थान बालिका महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा घुघरों जडादे म्हारे पायल में लोक नृत्य प्रस्तुत किया गया। वहीं मंडावा के लोक कलाकारों ने ढफ और चंग नृत्य एवं नत्थूराम डाबडी के कठपुतली नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित जन समुदाय का मन मोह लिया। समारोह के बाद अतिथियों ने मेले में लगी स्टालों का अवलोकन कर उनके उत्पादों को परखा।
शोभायात्रा निकाली:-
मेले से पूर्व गांधी चौक से नेहरू पार्क तक शोभायात्रा निकाली गई, जिसे अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुरेन्द्र माहेश्वरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बैंड बाजे के साथ निकली शोभायात्रा में ऊंट गाडों में ग्रामीण परिधानों में सजी-धजी आंगनबाडी कार्यकताएं मंगल गीत गाती हुई चल रही थी। वहीं साक्षरता विभाग की महिलाओं का जत्था सिर पर आखर कलश लिए लोगों को लोकगीतों के माध्यम से साक्षरता के महत्व की जानकारी दे रहा था। वहीं केशव उमा आदर्श विद्या मंदिर, राजस्थानी शिशु मंदिर, राजस्थान बालिका उमावि, आदर्श बाल निकेतन, इंडियन पब्लिक स्कूल, जेके मोदी बालिका, शहीद कर्नल जेपी जानू उमावि तथा परिष्कार उमाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी शोभायात्रा में लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे।

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