(01/08/2021) 
सर्वोदय केंद्र - नशा मुक्ति के लिए वन ड्रॉप सेंटर एक अनूठा रचनात्मक प्रयास : राजेंद्र पाल गौतम
महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने नशा मुक्ति के लिए वन ड्रॉप सेंटर - सर्वोदय केंद्र के उद्घाटन अवसर पर बोलते हुए कहा कि जात -पात के भेद भाव से हमें ऊपर उठ कर देश के विकास के लिए सोचना होगा l

सर्वोदय केंद्र नशा मुक्ति के लिए वन ड्रॉप सेंटर एक अनूठा रचनात्मक प्रयास बताते हुए  राजेंद्र पाल गौतम, महिला एवं बाल विकास मंत्री, दिल्ली सरकार ने प्रयास की सफलता पर अधिकारियों को बधाई देते हुए   कहा की ऐसे केन्द्रो को हर जिले में खोला जायेगा। उन्होंने विभिन्न विभागों , स्वेच्छासेवी संस्थाओं एवं विशेषकर दिल्ली राज्य विधिक सेवायें प्राधिकारण एवं दिल्ली उच्च न्यायालय के  उपस्थित न्यायाधीशों द्वारा दिए गए योगदान की सराहना करते हुए नशीले  पदार्थों के विक्रय पर भी रोक लगाने पर जोर दिया ।
     न्यायमूर्ति राजीव शकधर, न्यायाधीश दिल्ली हाई कोर्ट ने जमीनी स्तर पर कार्य करने में अपनी आस्था प्रकट करते हुए कहा कि इस परियोजना अध्ययन के साथ  वह स्वयं मादक पदार्थ सेवन करने वाले बच्चों के अभिभावकों से दिल्ली राज्य सेवाएं प्राधिकरण एवं महिला एवं बाल विकास की टीम के साथ मिले। अधिकतर महिलाएं सामने आयी और प्रार्थना की कि हमारे बच्चों को इस नशे की आदत से बचा दे तब  दिल्ली हाई  कोर्ट  जुवेनाइल  जस्टिस  समिति ने संकल्प शक्ति  के साथ टीम वर्क के साथ यह पहल की। उन्होंने बताया कि वे स्वयं स्पोर्ट्स में रूचि रखते हैं और उनका मानना है कि खेल मानसिक तनाव को दूर करता है । उन्होंने खेल को भी इस पहल में शामिल करने पर प्रसन्नता प्रकट की और आशा प्रकट की कि शीघ्र एक और ऐसा केंद्र अन्य जिले में खोल कर इस पहल को सभी जिलों तक पहुंचने का प्रयास जारी रहेगा ।

       राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग भारत सरकार के सदस्य डॉ द्न्यनश्वर  मनोहर  मुलाय ने कहा कि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के साथ जनता राष्ट्र का चौथा स्तम्भ है। संविधान चाहता है कि हर व्यक्ति को जीने का अधिकार मिले ,  इसी भावना से निहित केंद्र की गतिविधियां है जिसका स्थान राष्ट्र भावना में सर्वोपरि है। उन्होंने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी जो इस केंद्र में खोली है वह सचमुच एक सकारात्मक सोच देगी एक उनका विश्वास है।

       दिल्ली राज्य  विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सदस्य सचिव एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश कँवल जीत अरोड़ा ने प्राधिकरण ऐसे रचनात्मक पहल में योगदान के लिए सदैव कटिबद्ध है इस बात का आश्वसन देते हुए कहा कि   केंद्र का उदेश्य दिशाहीन बच्चों को एक नई रौशनी देना है।  उन्हें नशामुक्त करके समाज के मुख्यधारा से जोड़ना है , जो ह्रदय को स्पर्श करता है।  उन्हें सही दिशा देकर हम राष्ट्र विकास में एक महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैl  उन्होंने कहा कि मेरा सपना है कि नशामुक्त दिल्ली हो , जो सपना साकार भी होगा अटूट विश्वास है।

डॉ रश्मि सिंह, निदेशक महिला एवं बाल विकास दिल्ली सरकार ने बताया कि सर्वोदय केंद्र द्वारा ना केवल किशोर बच्चों को नशा मुक्त किया जाएगा अपितु उन्हें स्किल ट्रेनिंग देकर रोजगार से भी जोड़ा जायेगा ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सके  कौंसिल ऑफ़ रॉयल रूट्स संस्था के चीफ एग्जीक्यूटिव अफसर ने केंद्र की डिजिटल लाइब्रेरी द्वारा  निशुल्क ऑनलाइन शिक्षा पर विस्तृत प्रकाश डाला और सर्वोदय केंद्र गतिविधियों की एक बुकलेट का भी अतिथिगण ने विमोचन किया।

      इस अवसर पर दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता एवं न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा ,  दिल्ली राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के विशेष सचिव जिला एवं सत्र न्यायाधीश गौतम मनन एवं अतिरिक्त सचिव जिला एवं सत्र न्यायाधीश नम्रता अग्रवाल   , महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव मधु के गर्ग , अभिषेक सचिव जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण ( नार्थ वेस्ट ),  दिल्ली बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष अनुराग कुंडू  एवं विभिन्न विभागों के अधिकारीगण एवं संस्था प्रमुख उपस्थित थे 
             अंत में सुभाष वत्स संयुक्त निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी का आभार व्यक्त किया।
दिल्ली से विजय गौड़ की रिपोर्ट
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