राष्ट्रीय (18/02/2021) 
सोशल मीडिया ने मिलाया बचपन के दोस्त से - निशि सिंह
देश के जानी मानी समाज सेविका, गायक लेखक, कवित्री, तथा चित्रकार निशी सिंह ने अपने फेसबुक पर अपनी ही एक सच्ची कहानी लिखी निशी सिंह ने लिखा इस बार valentine's day मेरे बचपन की सखी काव्या मलिक के नाम रहा। हम कक्षा 5thमें साथ पढते थे,उस समय मेरे पिता की posting मुरादाबाद थी. फिर उनका तबादला हो गया और हम बिछड़ गए  निशी सिंह ने लिखा इस बार valentine's dayमेरे बचपन की सखी Kavya Malik  के नाम रहा.हम कक्षा5thमें साथ पढते थे.उस समय मेरे पिता की posting मुरादाबाद थी. फिर उनका तबादला हो गया और हम बिछड़ गए.वक्त का पहिया चलता रहा पर उसकी याद दिल में हमेशा रही. सोचा नहीं था कि फिर कभी उससे मुलाकात होगी.facebook पर भी उसे ढूंढती रही पर मिलती कैसे ,नाम जो बदल लिया था. यह भी नहीं जानती थी कि मैं भी उसे याद हूँ या नहीं. कुछ दिन पहले messenger पर एक message दिखा "Hi Nishi iam your childhood friend kavya".मैं messenger messages कम ही पढती हूँ. उस दिन अचानक ही मेरी नज़र उस message पर चली गई.दिमाग पर ज़ोर डाला पर काव्या नाम से कोई याद नहीं आई.ध्यान से चेहरा देखा तो सब याद आ गया.यह तो वही थी जिसे बरसों से ढूंढ रही थी.मेरी प्यारी सखी Bobby.मेरी खुशी का ठिकाना न था.पहले फोन पर घंटो बातें हुई वह यही थी गुडगांव में मेरे इतने करीब और मैं बरसों उसे ढूंढती रही.  फिर कुछ दिन पहले मिले. वक्त जैसे बरसों पीछे चला गया. लगभग 37साल बाद उससे मिली पर कुछ नहीं बदला था.मानो बचपन में वापिस चले गए थे हम दोनों. अब जो मिले फिर न बिछड़ने के लिए. मेरे लिए दोस्ती बहुत मायने रखती है यही कारण है कि कक्षा4 से लेकर अब तक के सारे मित्रों से मैं संम्पर्क मे हूँ.अपनों से प्यार किजिए, उन्हें समय दें. जीवन क्षण भंगुर हैं।Happy Valentine's day.
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