स्वास्थ्य (14/05/2021) 
दिल्ली सरकार को आक्सीजन की माँग का आंकलन करके कोविड की तीसरी लहर की तैयारी करनी चाहिए-आदेश गुप्ता
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष श्री आदेश गुप्ता ने कहा है कि दिल्ली में नये कोविड मामले आना तो कम हुए हैं पर अस्पतालों में आई.सी.यू. बैड की कमी बनी हुई है और वास्तविकता यह है कि आज सबसे खराब दिनों से भी ज्यादा रोगी अस्पतालों में भर्ती हैं। 20 अप्रैल को 16940 रोगी भर्ती थे जबकि आज लगभग 17800 रोगी अस्पतालों में भर्ती हैं पर आश्चर्य की बात है की आक्सीजन की माँग बहुत कम हो गई है।

 आदेश गुप्ता ने कहा है कि दिल्ली को अब खुद को कोविड की तीसरी लहर के लिये तैयार करना है और उसमें भी आक्सीजन महत्वपूर्ण रहेगा अतः दिल्ली को अपनी आक्सीजन अवश्यकता एवं अपूर्ति का आंकलन करना होगा।

गत अप्रैल के अंतिम सप्ताह एवं मई के प्रथम सप्ताह में दिल्ली को हर दिन 550 से 700 मैट्रिक टन आक्सीजन मिला फिर भी हाहाकार मचा था पर आज जब 17800 रोगी अस्पतालों में भर्ती हैं तब दिल्ली सरकार को लगता है कि वह 582 मैट्रिक टन आक्सीजन से काम चला सकती और गत 2 दिन से बाकी आक्सीजन केन्द्र को लौटा रही है।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है कि अप्रैल 20 से मई 5 तक के भीषण संकटकाल में भाजपा एवं अनेक विशेषज्ञों ने कहा था कि दिल्ली में या तो आक्सीजन की जमाखोरी हो रही है या बरबादी हो रही है और आक्सीजन आडिट बहुत जरूरी है। ऐसे दिन देखे गये जब दिल्ली को केन्द्र से 650 से 700 मैट्रिक टन आक्सीजन मिला और निशुल्क बांटने वाली गैर सरकारी संस्थाएं भी अज्ञात स्रोतों से 200 से 300 मैट्रिक टन आक्सीजन लाईं। यह सब साफ दिखाता है कि दिल्ली में आक्सीजन सप्लाई एवं वितरण में अव्यवस्था का बोलबाला रहा है।

दिल्ली सरकार आक्सीजन की आवश्यकता का आंकलन करने में पूरी तरह विफल रही और भीड़ की भाषा बोलते हुऐ एक दिन तो 950 मैट्रिक टन आक्सीजन की माँग तक कर गई। आज हम समझ सकते हैं कि दिल्ली सरकार के पास ना तो आक्सीजन कि जरूरत पर ना वितरण पर कोई अध्ययन था और इसीलिए वह आक्सीजन आडिट से पीछे भागती रही।

 आदेश गुप्ता ने कहा है कि दिल्ली सरकार को कोविड 19 की दूसरी लहर के सबसे बुरे दिनों 20 अप्रैल से 5 मई के अनुभवों से सबक लेना चाहिए और आक्सीजन आडिट कर भविष्य में उठ सकने वाली आक्सीजन की माँग का आंकलन करके कोविड की तीसरी लहर की तैयारी करनी चाहिए।
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