राष्ट्रीय (10/06/2021) 
पूर्व महापौर एवं हिंदी के पुरोधा स्वर्गीय महेशचंद्र शर्मा के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक जताया, हिंदी के पुरोधा थे महेशचन्द्र शर्मा:- दयानंद वत्स
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया आठवले दिल्ली प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता शिक्षाविद् दयानंद वत्स ने पूर्व महापौर एवं हिंदी के पुरोधा स्वर्गीय महेशचंद्र शर्मा के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि शर्मा जी हिंदी के पुरोधा थे। वत्स ने कहा कि महेशचंद्र शर्मा आजीवन हिंदी के उन्नयन के लिए संघर्षशील रहे। वे एक कुशल वक्ता, साहसी राजनेता, समर्पित हिंदी सेवी, लेखक और सामाजिक सरोकारों से जुडे व्यक्ति थे। महेशचंद्र शर्मा बहुत ही विनम्र स्वभाव के धनी थे। सादा जीवन उच्च विचार के साथ पूरा जीवन जिया।
उनकी छवि एक ईमानदार नेता की थी। वे हमेशा कुर्ते पायजामे और खादी की बंडी में रहकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते थे। वत्स ने कहा कि शर्मा जी का निधन राजनीतिक, साहित्यिक, धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र की अपूरणीय क्षति है।
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