राष्ट्रीय (12/07/2021) 
हमारे पौराणिक ग्रन्थों में चतुर्मास के विषय में क्या कहा गया है, यह जानना भी आवश्यक है।

आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकदशी को ही देवशयनी एकादशी के ना से जाना जाता हैइसे पद्मा एकादशी भी कहते हैं। 

देवशयनी एकादशी प्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा के तुरन्त बाद आती है 

इस वर्ष देवशनी एकादशी 20 जुलाई 2021 के दिन मनाई जानी हैइसी दिन से चातुर्मास का आरंभ भी माना गया है.देवशयनी एकादशी को हरिशयनी एकादशी और पद्मनाभा के नाम से भी जाना जाता है। हरिशयनी एकादशीदेवशयनी एकादशीपद्मा एकादशीपद्मनाभा एकादशी सभी उपवासों में देवशयनी एकादशी व्रत श्रेष्ठतम कहा गया हैइस व्रत को करने से भक्तों की समस्त मनोकामना

एं पूर्ण होतीहैंतथा सभी पापों का नाश होता हैइस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा अर्चना करने का महतव होता है क्योंकि इसी 

रात्रि से भगवान का शयन काल आरं हो जाता है जिसे चातुर्मास या चौमासा का प्रारंभ भी कहते हैंइस दिन से गृहस्थ लोगों के लिए चातुर्मास नियम प्रारंभ हो जाते हैं।

देवशयनी एकादशी नाम से ही स्पष्ट है कि इस दिन श्रीहरि शयन करने चले जाते हैं। इस अवधि में श्रीहरि पाताल के राजा बलि के 

यहां चार मास निवास करते हैं।

चातुर्मास असल में संन्यासियों द्वारा समाज को मार्गदर्शन करने का समय है। आम आदमी इन चार महीनों में अगर केवल सत्य ही 

बोले तो भी उसे अपने अंदर आध्यात्मिक प्रकाश नजर आएगा।

इन चार मासों में कोई भी मंगल कार्यजैसे विवाहनवीन गृहप्रवेश आदि नहीं किया जाता है। ऐसा क्योंतो इसके पीछे सिर्फ यही 

कारण है कि आप पूरी तरह से ईश्वर की भक्ति में डूबे रहेंसिर्फ ईश्वर की पूजा-अर्चना करें। वास्तव में यह वे दिन होते हैं जब चारों 

तरफ नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बढ़ने लगता है और शुभ शक्तियां कमजोर पड़ने लगती हैं ऐसे में जरूरी होता है कि देव पूजन 

द्वारा शुभ शक्तियों को जाग्रत रखा जाए। देवप्रबोधिनी एकादशी से देवता के उठने के साथ ही शुभ शक्तियां प्रभावी हो जाती हैं और 

नकारात्मक शक्तियां क्षीण होने लगती हैं।

 

चातुर्मास कब से शुरू होगा?

पंचांग के अनुसार 20 जुलाई, मंगलवार को आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि से चातुर्मास शुरू होगा. इस 

एकादशी से भगवान विष्णु विश्राम की अवस्था में आ जाते हैं. 14 नवंबर 2021 को देवोत्थान एकादशी पर विष्णु 

भगवान शयन काल आरंभ होता है. मान्यता है कि चातुर्मास में शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं.

देवशयनी एकादशी व्रत का शुभ मुहूर्त

देवशयनी एकादशी तिथि प्रारम्भ - जुलाई 19, 2021 को 22:00 बजे

देवशयनी एकादशी समाप्त - जुलाई 20, 2021 को 19:17 बजे

देवशयनी एकादशी व्रत पारण- जुलाई 21, 05:36 से 08:21 बजे

देवशयनी एकादशी के चार माह के बाद भगवान् विष्णु प्रबोधिनी एकादशी के दिन जागतें हैं।

देव उठानी एकादशी ग्यारस 2021 पूजा का मुहूर्त-

साल 2021 में देव उठानी एकादशी 15 नवंबर की है, इसका शुभ मुहूर्त और समय कुछ इस प्रकार है-

देवउठनी एकादशी ग्यारस पारण मुहूर्त - 15 नवंबर को , 13:09:56 से 15:18:49  तक

हरी वासर समाप्त होने का समय - 15 नवंबर को 13:02:41 पर

देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी विवाह - इस दिन तुलसी विवाह का आयोजन भी किया जाता है, तुलसी के पौधे व 

शालिग्राम की यह शादी सामान्य

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