राष्ट्रीय (13/10/2021) 
पूर्वी निगम द्वारा डेंगू, मलेरिया और चिकुनगुनिया रोग की उत्पत्ति और रोकथाम के संबंध में सतत चिकित्सा शिक्षा का आयोजन

पूर्वी दिल्ली नगर निगम द्वारा कडकडडूमा स्थित आई.एम.ए ईडीबी भवन में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सहयोग से आज डेंगू, मलेरिया और चिकुनगुनिया रोग की उत्पत्ति और रोकथाम के संबंध में सी.एम.ई अर्थात सतत चिकित्सा शिक्षा के लिए सेमीनार का आयोजन किया गया। इस मौके पर स्थायी समिति के अध्यक्ष, श्री बीर सिंह पंवार तथा शाहदरा दक्षिणी क्षेत्र की वार्ड समिति अध्यक्ष; सुश्री हिमांशी पांडेउपाध्यक्ष सुश्री बबिता खन्ना; पार्षद, श्री संदीप कपूर मौजूद थे। इनके अलावा निदेशक अस्पताल प्रशासन, डाॅ. मुकेश कुमार; अतिरिक्त निगम स्वास्थ्य अधिकारी, डाॅ अजय हांडा; उप-स्वास्थ्य अधिकारी मुख्यालय, डाॅ अजय कुमार; उप-स्वास्थ्य अधिकारी, शाहदरा दक्षिणी क्षेत्र, डाॅ. संतोष तोमर तथा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, ई.डी.बी के सेकेट्ररी; अध्यक्ष, डाॅ गौतम सिंह एवं उपाध्यक्ष, डाॅ ग्लेडबिन त्यागी भी उपस्थित थे। बता दें सीएमई अर्थात सतत चिकित्सा शिक्षा में तमाम शैक्षिक गतिविधियां शामिल हैं जो ज्ञान, कौशल को बनाए रखने, विकसित करने या बढ़ाने के लिए काम करती हैं जो एक चिकित्सक को अपनी जनहित में अपनी सेवाएं प्रदान करने के लिए आवश्यक हैं। इस कार्यक्रम में आई.एम.ए ईडीबी ने डाॅ. संतोष तोमर को चिकित्सा रत्न अवार्ड भी दिया।

इस मौके पर स्थायी समिति अध्यक्ष ने सभागार में मौजूद सभी डाॅक्टरों को धन्यवाद किया। उन्होंने कहा जनता को स्वास्थ्यजनक परिस्थितियां मुहैया करवाना प्राथमिक आवश्यकता है और आज के दौर में हम स्वास्थ्य के क्षेत्र में नयी चुनौतियों का सामना कर रहे। श्री पंवार ने कहा कि ऐसे में स्वयं को नयी जानकारियों और नये रिसर्च के बारे में अपडेट रखने की आवश्यकता है। उन्होने कहा यह सेमीनार एक महत्वपूर्ण प्लेटफार्म है जहां ज्ञान को सांझा कर जन स्वास्थ्य के लिए बेहतर कार्य किया जा सकता है। वहीं वार्ड समिति अध्यक्ष, सुश्री हिमांशी पांडे ने कहा कि पूर्वी निगम स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतरी के लिए नये विचारों एवं सुझावो का स्वागत करता है जिससे जनता के स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहतर वातारण तैयार किया जा सके।

सी.एम.ए सेमीनार में डाॅ. के के जानी ने डेंगू, मलेरिया और चिकुनगुनिया के बारे में नये अपडेट्स के बारे में विस्तार से बताया तथा डाॅ. प्रवीण प्रभाकर ने मच्छर जनित बीमारियों तथा कोविड-19 के बारे में नयी जांच के बारे में जानकारी सांझा की। सेमीनार में बताया गया कि आमतौर पर डेंगू को इतना खतरनाक बीमारी नहीं माना जाता है। अगर समय रहते इसका इलाज शुरू किया जाए तो बहुत ही जल्द मरीज ठीक हो जाता है। मगर पहले से मरीज किसी बीमारी का शिकार है या हाल फिलहाल में किसी बीमारी से ठीक हुआ है तो ऐसे स्थिति में मरीज के लिए डेंगू का डंक जानलेवा भी हो सकता है। इसलिए जरूरत इस बात की है कि ज्यादा से ज्यादा एहतियात बरतें जाये।

इस मौके पर मच्छर जनित बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया एवं चिकुनगुनिया के बारे में बोलते हुए डाॅ संतोष तोमर ने कहा बदलते मौसम के बीच उनके सामने डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि लोगों को काफी सजग रहने की जरुरत है। डाॅ. संतोष तोमर ने बताया  कि कोरोना के बाद से लोगों के शरीर में इम्यूनिटी सिस्मट काफी कमजोर हुई है. ऐसे में अगर किसी दूसरी बीमारी का अटैक होता है तो परेशानी बढ़ सकती है। उन्होंने मच्छरों की उत्पत्ति के कारकों के बारे में बताया साथ ही इन बीमारियों की रोकथाम में बारे में विस्तार से चर्चा की।

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