राष्ट्रीय (13/10/2021) 
पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने बल्क कचरा उत्सर्जकों के लिए प्रशिक्षण-जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया

पूर्वी दिल्ली नगर निगम द्वारा आज निगम मुख्यालय स्थित सभागार में बड़ी मात्रा में कचरा उत्सर्जन करने वालों के लिए प्रशिक्षण व जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम का आयोजन यूएस पर्यावरण संरक्षण एजेंसी के वैश्विक मीथेन पहल (जीएमआई) व टी.ई.आर.आई (टेरी) के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम के दौरान बल्क कचरा उत्सर्जकों को ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2016 व उपनियम के बारे में बताया गया। इन नियमों में ठोस कचरा उत्सर्जकों से संबंधित प्रावधान हैं जिनके बारे में कचरा उत्सर्जकों को अवगत कराया गया और उनसे अपेक्षा की गई है कि वे उन नियमों का पालन करें।

कार्यक्रम में पूर्वी दिल्ली नगर निगम की अपर आयुक्त,  अल्का शर्मा, शाहदरा उत्तरी क्षेत्र के उपायुक्त, संजीव मिश्रा, निदेशक अस्पताल प्रशासन, मुकेश कुमार, विशेषज्ञ सलाहकार, प्रदीप खंडेलवाल, टेरी के विशेषज्ञ, सुनील पांडेय, बल्क कचरा उत्सर्जकों के प्रतिनिधि जिनमें-आरडब्ल्यूए, व्यापार संगठन, अस्पताल, होटल, आदि शामिल रहे।

कार्यक्रम के दौरान, अपर आयुक्त, अल्का शर्मा ने कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए सभी हितधारकों का स्वागात व अभिनंदन किया। अल्का शर्मा ने कहा कि कूड़े की समस्या से निजात के लिए हम सभी को स्रोत पर ही कूड़े को अलग करना चाहिए। हमें स्रोत पर ही कूड़े से खाद आदि बनाने का प्रयास करना चाहिए। शर्मा ने आशा जताई कि कूड़े के स्रोत पर पृथकीकरण की मुहिम में बल्क उत्सर्जक पूर्वी दिल्ली नगर निगम का सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से हम निश्चित ही पूर्वी दिल्ली को कचरा मुक्त बना सकेंगे।

प्रदीप खंडेलवाल ने बल्क कचरा उत्सर्जकों को कूड़े के स्रोत पर पृथकीकरण और ऑर्गेनिक कूड़े के प्रसंस्करण के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि गीले कूड़े से बड़ी आसानी से खाद बनाई जा सकती है जिससे कूड़ा लैंडफिल साइट पर जाने से रूकेगा। वहीं, टेरी के विशेषज्ञ,सुनील पांडेय ने बल्क कचरा उत्सर्जकों को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में बताया। उन्होंने कूड़े के स्रोत पर ही पृथकीकरण व प्रसंस्करण के तरीकों को भी लोगों के समक्ष रखा।  

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