राष्ट्रीय (15/10/2021) 
पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने आत्म समर्पण करते हुए आधे पंजाब की चाभी पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों में सौंपी- राधव चड्ढा

आम आदमी पार्टी, पंजाब के सह प्रभारी एवं विधायक राघव चड्ढा ने पंजाब में बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने पर पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार चरणजीत सिंह चन्नी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चन्नी ने आत्म समर्पण करते हुए आधे पंजाब की चाभी पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों में सौंप दी है। सीएम चन्नी एक अक्टूबर को पीएम मोदी, 4 अक्टूबर को राज्यपाल और 5 अक्टूबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलते हैं और मोदी सरकार 14 अक्टूबर को बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र 15 किमी. से बढ़ाकर 50 किमी. करने का निर्णय लेती है। मोदी सरकार और चन्नी सरकार ने मैच फिक्सिंग के तहत पंजाब के आधे इलाके में राष्ट्रपति शासन लगा दिया है। अब पंजाब के कुल क्षेत्रफल 50362 वर्ग किमी में से 27600 किमी. इलाके में पंजाब पुलिस से बिना परामर्श लिए बीएसएफ कानून-व्यवस्था से लेकर हर संभव चीज कर सकती है। राघव चड्ढा ने कहा कि भाजपा समझ चुकी है कि वह पंजाब में कभी सरकार नहीं बना पाएगी। इसलिए अप्रत्यक्ष रूप से पंजाब के 23 में से 12 जिलों पर कज्बा कर लिया है। जिन राज्यों में भाजपा सरकार नहीं बना सकती है, वहां मोदी सरकार संधीय ढांचे पर सीधा हमला करती है। दिल्ली में भी जब से ‘आप’ की सरकार बनी है, तब से लगातार संघीय ढांचे पर हमला किया जा रहा है। 

*मुख्यमंत्री चन्नी ने पंजाब का 50 फीसद हिस्सा पीएम नरेंद्र मोदी को सौंपा- राघव चड्ढा*

राघव चड्ढा ने आज राउस एवेन्यू में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी ने पंजाब का 50 फीसद हिस्सा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया है। मुख्यमंत्री चन्नी ने आत्मसमर्पण करते हुए आधे पंजाब की चाभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में सौंप दी है। 50 इस भू-क्षेत्रीय क्षेत्राधिकार (टेरिेटेरियल ज्यूरिडिक्शन) चन्नी साहब ने मोदी साहब को देती है। एक अक्टूबर को पंजाब के नए मुख्यमंत्री सरदार चरणजीत सिंह चन्नी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले। चार अक्टूबर को वे पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा नियुक्त राज्यपाल से मिले और पांच अक्टूबर को देश के गृहमंत्री अमित शाह से मिले। इस मीटिंग के बाद वे खुद ट्विटर पर यह जानकारी दिए कि मैं गृहमंत्री जी से मिला और मैंने उनसे कहा कि पंजाब का एक बहुत बड़ा भाग पाकिस्तान के अंतराष्ट्रीय बॉर्डर लगता है। जहां से नशा, ड्रग्स और हथियारों का बड़ा कारोबार चल रहा है। मैं गृहमंत्री जी से अनुरोध करता हूं कि आप इस मामले में कोई कदम उठाएं और कार्रवाई करें। हमारा 550 किलोमीटर का यह अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर है। भाजपा सरकार व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इसे खुद पंजाब संभालें। 

*मोदी सरकार ने पंजाब में बॉर्डर पर तैनात बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र 15 किमी से बढ़ाकर 50 किमी. किया- राघव चड्ढा*

‘आप‘ पंजाब के सह प्रभारी राघव चड्ढा ने इस क्रोनोलॉजी को समझाते हुए कहा कि एक अक्टूबर को सीएम चन्नी, पीएम मोदी से मिलकर करते हैं कि आप पंजाब संभालिए। चार अक्टूबर को वे राज्यपाल से मिलकर यही बात कहते हैं और पांच अक्टूबर को वे देश के गृहमंत्री अमित शाह मिलकर यह बात कहते हैं और इसकी जानकारी उन्होंने खुद ट्विटर पर दी है। इसके बाद 14 अक्टूबर को केंद्र में बैठी मोदी सरकार ने फैसला ले लिया कि बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) अब बॉर्डर पर अपना दायरा 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर कर रही है। अभी तक बीएसएफ का दायरा पंजाब में अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर से 15 किलोमीटर भीतर तक ही होता था। अब इसे बढ़ाकर 15 किलोमीटर से 50 किलोमीटर कर दिया है। पंजाब का पूरा क्षेत्रफल 50362 वर्ग किलोमीटर है। बीएसएफ का यह दायरा बढ़ने से इस 50362 वर्ग किलोमीटर में से 27600 किलोमीटर यानि कि आधे से भी ज्यादा इलाका अब पीएम नरेंद्र मोदी की पुलिस के अधीन आ गया है। अर्थात पंजाब का 50 फ़ीसद से अधिक इलाका अब पंजाब पुलिस का नहीं रहा, बल्कि अब वहां कानून-व्यवस्था से लेकर गिरफ्तारी, तलाशी, रेड और सीज करने की कार्रवाई आदि भारतीय जनता पार्टी और मोदी सरकार खुद करेगी। क्योंकि पंजाब का 550 किलोमीटर का इंटरनेशनल बॉर्डर लगता है। उस अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर के 50 किलोमीटर तक का जितना एरिया लगता है, उस सारे इलाके पर पीएम नरेंद्र मोदी खुद शासन चलाएंगे। 

*अब पंजाब पुलिस का इस आधे इलाके में बीएसएफ की कार्रवाई में कोई हस्तक्षेप नहीं होगा- राघव चड्ढा*

राघव चड्ढा ने इसे विस्तार से बताते हुए कहा कि सीएम चरणजीत चन्नी ने पंजाब के छह जिले पूरी तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दी है। इसके अलावा पंजाब के छह और जिलों का अधिकतर हिस्सा पीएम नरेंद्र मोदी ने सौंप दिया है। जिन जिलों में भाजपा लगभग पूरी तरह सरकार चलाएगी, वह जिले पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, फिरोजपुर, फाजिल्का और तरनतारन है। वहीं, जिन छह जिलों के एक बडे हिस्से को अब पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार चलाएगी, वह जिले होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, फरीदकोट, मुक्तसर और मोगा हैं। पंजाब का माझा का लगभग सारा ही इलाका, मालवे का एक बहुत बड़ा हिस्सा और द्ववापे का भी एक बहुत बड़ा हिस्सा केंद्र में बैठी मोदी सरकार चलाएगी। राघव चड्ढा ने कहा कि पंजाब के 50 इलाके में अब राष्ट्रपति शासन लग गया है। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के अनुरोध पर पीएम मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पंजाब के 50 फीसद इलाके में राष्ट्रपति शासन लगा दिया है। अब बीएसएफ 1968 एक्ट, सेक्शन 139 के तहत 27000 वर्ग किलोमीटर में आने वाली जितनी भी आबादी है, उसमें किसी को भी गिरफ्तार कर सकती है। किसी के भी घर में घुसकर रेड कर सकती है और तलाशी व सीज की कार्रवाई कर सकती है। सबसे खतरनाक यह है कि बीएसएफ जो गिरफ्तारियां करेगी, वह गिरफ्तारी किसी अपराध के होने से पहले भी की जा सकती है। किसी को गिरफ्तार करने के लिए अपराध का होना अनिवार्य नहीं है। यानि कि बीएसएफ को प्रीवेंटिव गिरफ्तारी करने की पूरी ताकत मिलेगी। इसके अलावा, पंजाब की स्थानीय पुलिस का इस पूरी प्रक्रिया में कोई हस्तक्षेप या भागीदारी नहीं होगी। बीएसएफ न तो पंजाब पुलिस परामर्श करेगी और न तो अनुमति ही लेगी। बीएसएफ अब पंजाब के 50 हजार वर्ग किमी में से 27,000 किमी के इलाके के अंदर कानून-व्यवस्था से लेकर हर संभव चीज कर सकती है।

*यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला नहीं, बल्कि यह राष्ट्रीय राजनीति का मसला है- राघव चड्ढा*

विधायक राघव चड्ढा ने स्पष्ट करते हुए कहा कि केंद्र में बैठी मोदी सरकार यह तर्क देती है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय राजनीति का मसला है। क्योंकि अगर यह राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय होता, तो अभी हाल ही में 3000 किलो हीरोइन गुजरात के एक पोर्ट पर पकड़ी गई। लेकिन वहां पर बीएसएफ का दायरा बढ़ाया नहीं गया, बल्कि बीएसएफ का दायरा घटा दिया गया। गुजरात के एक पोर्ट पर 3000 किलो हीरोइन पकड़ी गई और उसके बाद गुजरात में बीएसएफ का दायरा 80 किलोमीटर से घटाकर 50 किलोमीटर कर दिया गया। यानि कि वहां पर बीएसएफ का दायरा 37.5 फीसद दायरे को कम कर दिया गया। वहीं, दूसरी तरफ, पंजाब में बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 15 किलोमीटर से 50 किलोमीटर बढ़ा दिया गया। अगर यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला होता, तो गुजरात में भी जहां भाजपा की सरकार है, वहां पर बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाना चाहिए था। केंद्र की मोदी सरकार और पंजाब की चन्नी सरकार ने एक मैच फिक्सिंग के तहत पंजाब के आधे इलाके में राष्ट्रपति शासन लगा दिया है। यानि कि सीएम चन्नी ने खुद आधे पंजाब की चाबी पीएम नरेंद्र मोदी को सौंप कर आए हैं। 

*हमें डर है कि भाजपा, बीएसएफ एक्ट 1968 के सेक्शन-139 का दुरुपयोग कर पंजाब को डराने और बांटने की कोशिश कर सकती है- राघव चड्ढा*

राघव चड्ढा ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से प्रश्न किया कि आपकी प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी से क्या डील हुई? पंजाब का 50 फीसद इलाका प्रधानमंत्री के झोली में डाल कर आए, उसके बाद आपको क्या मिला? यह संघीय ढांचे पर सीधा प्रहार है। भाजपा यह बात समझ चुकी है, क्योंकि न वह पंजाब में सरकार बना पाई और न वह पंजाब में सरकार बना पाएगी। इसलिए अप्रत्यक्ष तरीके से पंजाब पर नियंत्रण बनाने के लिए भाजपा की सरकार ने पंजाब के 23 जिलों में से 12 जिलों पर अपना पूरा कब्जा बना लिया। हमें डर है कि बीएसएफ एक्ट 1968 के सेक्शन-139 का दुरुपयोग करके भाजपा पंजाब को डराने और बांटने की कोशिश कर सकती है। पंजाब को पोलेराइड करने की कोशिश कर सकती है। किसानों को गिरफ्तार कर सकती है। उन्होंने कहा कि गुरु महाराज की धरती और गुरु महाराज की जो सीख हम सब ने ली है, उस सीख के चलते पंजाब में सामाजिक-समरसता, एकजुटता, भाईचारा, अमन, प्यार व शांति बरकरार रहेगा। पंजाबियों से ज्यादा देशभक्त कोई नहीं है। आजादी की पहली लड़ाई पंजाब के लोगों ने लड़ी। भारत देश को अंग्रेजों से आजादी दिलाने और गुलामी से छुटकारा दिलाने में सबसे बड़ा बलिदान पंजाब के लोगों का रहा है। पंजाब के लोग जन्म से राष्ट्रभक्त होते हैं। ऐसे लोगों पर पंजाब के 27000 किमी इलाके पर बीएसएफ का दबदबा हो, बिना किसी अपराध के गिरफ्तारी हो, बिना पंजाब पुलिस का परामर्श लिए गिरफ्तारी हो और जहां पर लोगों ने एक पार्टी की सरकार बनाई है, वहां पर अब उस पार्टी की सरकार नहीं, बल्कि केंद्र में बैठी भाजपा सरकार शासन करेगी, यह हम होने नहीं देंगे। हम इसका विरोध और सख्त निंदा करते हैं।

*भाजपा जिन राज्यों में सरकार नहीं बना सकती है, वहां मोदी सरकार संधीय ढांचे पर सीधा हमला करती है- राघव चड्ढा*

राघव चड्ढा ने कहा कि यह सीधे तरीके से संघीय ढांचे पर सीधा हमला है। बीजेपी की सरकार लगातार उन सभी राज्यों में संघीय ढांचे पर हमला करती आई है, जहां बीजेपी को यह विश्वास हो गया है कि अब वह वहां अपनी सरकार नहीं बना सकती है। दिल्ली में जब से अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी है। यानि की फरवरी 2015 से लेकर आज तक गृह मंत्रालय अप्रत्यक्ष रूप से या उपराज्यपाल के कार्यालय से लगातार दिल्ली में संघीय ढांचे पर हमला किया जाता रहा है। लेकिन यहां पर मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी नहीं हैं, जो मोदी जी के सामने आत्मसमर्पण कर दें। दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हैं, जो दिल्ली वालों के हक और अधिकारों के लिए मोदी सरकार से लड़ते रहे हैं और आज तक सीएम अरविंद केजरीवाल की वजह से दिल्ली में संघीय ढांचा बचा हुआ है। साथ ही, दिल्ली के मतदाताओं के वोट की जो ताकत है, वह कायम है। लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने आत्मसमर्पण करके पीएम नरेंद्र मोदी को आधे पंजाब की चाबी सौंप दी है। हम सीएम चन्नी से पूछना चाहते हैं कि इस मैच फिक्सिंग के तहत आपकी क्या डील पीएम नरेंद्र मोदी से हुई है। आपको क्या मिला है? क्या मोदी जी ने किसी कोई फाइलें दबाने और कार्रवाई नहीं करने को कहा है? क्या ऐसी चीज है, जो पंजाब के मुख्यमंत्री को पीएम नरेंद्र मोदी ने इस डील के तहत दी है, जिसके तहत उन्होंने आधे से ज्यादा पंजाब की चाबी पीएम मोदी को सौंप दी है।

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