खेल (28/10/2021) 
रोहन जेटली दूसरी बार डीडीसीए के अध्यक्ष बनें और सचिव पद पर सिद्वार्थ साहिब वर्मा जीते।
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर। किसी ने सच ही कहा है कि डीडीसीए में कौन किस को कब धोखा दे दे, कह नहीं सकते। यह बात सच भी साबित हुई है। डीडीसीए के चुनावों में रोहन जेटली ग्रुप के अधिकतर पदाधिकारी तो जीत गए, मगर ग्रुप की दूसरी सबसे अहम सीट सचिव पद की वह हार गए हैं। हम यह भी कह सकते है कि उनके ग्रुप से सचिव पद पर सबसे मजबूत उम्मीदवार माने जाने वाले विनोद तिहारा को अपने ही लोगों के द्वारा पीठ पर छूरा घोपना मंहगा पड गया। 
जहां तक चुनावों की बात है तो यह पहले से ही तय था कि रोहन जेटली का अध्यक्ष पद बनें रहेंगे। दूसरा सचिव पद पर सिद्वार्थ साहिब वर्मा और विनोद तिहारा के बीच मुकाबला संघर्ष वाला होता दिखाई दे रहा था। मगर तिहारा को अपने ही ग्रुप के लोगों से मिले धोखे ने हार का मुंह देखने के लिए मजबूर कर दिया। 
जहां तक सिद्वार्थ साहिब वर्मा की बात है तो वह साफ छवि और पूर्व क्रिकेटर थे। जिसको लेकर भी डीडीसीए के सदस्यों ने उक्त युवा उम्मीदवार को चुनना उचित समझा। 
फिलहाल इन चुनावों में रोहन जेटली को  1658 वोट मिले है। उनके खिलाफ मैदान पर उतरने वाले विकास सिंह को दूसरी बार हार का सामना करना पडा है। विकास सिंह को 662 वोट मिले। डीडीसीए में दूसरे नंबर का सबसे मजबूत पद सचिव है। उस पर सिद्वार्थ साहिब सिंह वर्मा विजयी हुए है। तिहारा उनके सामने दूर-दूर तक नजदीक दिखाई नहीं दिए। सिद्वार्थ साहिब वर्मा को 1322 वोट मिले। वहीं अपनो से घायल विनोद तिहारा को कुल 704 वोट मिले तथा तीसर नम्बर पर राकेश कुमार बंसल को 248 वोट मिले। इसके अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेट कंटृोल बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सीके खन्ना अपनी पत्नी शशी खन्ना को  उपाध्यक्ष पद पर जीतवाने में सफल रहें, शशी खन्ना को 1288 वोट मिले और संजय भारद्वाज को 560 वोट मिले , संयुक्त सचिव पद पर राजन मनचंदा को 1288 वोट मिले तथा कोषाध्यक्ष पद पर खड़े होने वाले पवन गुलाटी को सबसे ज्यादा 1664 वोट मिले।
जीतने के बाद रोहन जेटली और सिद्धार्थ साहिब वर्मा को शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा रहा। 
दिल्ली से विजय कुमार की रिपोर्ट
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