विशेष (20/04/2022) 
भाजपा द्वारा लूटखसोट कर निगम की कंगाली को छुपाने के लिए किया गया एकीकरण - चौ0 अनिल कुमार
निगम में भ्रष्टाचार और चुनाव में देरी के लिए भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों ज़िम्मेदार - चौ.अनिल कुमार


मंगलवार को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने उत्तरी, दक्षिणी और पूर्वी दिल्ली नगर निगमों का विलय करके एक , निगम बनाने पर नोटिफिकेशन हो जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि, कांग्रेस की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित सरकार ने दिल्ली में बेहतर सफाई व्यवस्था और सुव्यवस्थित विकास के दिल्ली नगर  निगम को 2011 में तीन निगमों में विभाजित किया था परंतु विभाजित तीनों निगमों में 15 वर्षों तक भाजपा के भ्रष्टाचारी शासन ने निगमों को कंगाल बना दिया और चुनावो से ठीक पहले आम आदमी पार्टी से मिलीभगत करके निगमों के विलय की घोषणा अपनी विफलताओं और कमजोरियों को छिपाने के लिए कर दी। उन्होंने कहा कि तानाशाही भाजपा की केन्द्र सरकार द्वारा आम आदमी पार्टी से मिलीभगत करके निगमों का एकीकरण करना सीधा लोकतंत्र पर कुठाराघात है।


चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि ,आखिर निगमों के एकीकरण का जरुरत क्यों पड़ी, यह बहुत बड़ा प्रश्न है? 15 वर्षों तक निगमों में किए भ्रष्टाचार और भारी लूट के कारण निगम को कंगाल बनाने वाली भाजपा ने चुनावों में हार के डर और अपनी जिम्मेदारियों से भागने के लिए निगमों एकीकरण किया। उन्होंने कहा कि तीनों निगमों में भाजपा और आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद का स्टिंग ऑपरेशन में खुलेआम भ्रष्टाचार उजागर हुआ था। भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनो ने मिलकर निगम को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी की मिलीभगत से सक्रिय बिल्डिंग माफिया, पार्किंग माफिया, विज्ञापन माफिया, लैंटर माफिया के भ्रष्टाचार का ही नतीजा है कि निगमों का एकीकरण करना पड़ा।


चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि, भाजपा ने आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर अपने निजी लोगों को फायदा पहुॅचाने के लिए तीनों निगमों के भवनों, ईमारतों, स्कूलों को बेच डाला। सैंकड़ों करोड़ के नावल्टी सिनेमा सहित 11 प्रापर्टी करक भ्रष्टाचार किया और टाउन हॉल को हेरिटेज होटल बनाकर लीज पर दे दिया है। राजस्व की कमी और आर्थिक भ्रष्टाचार में डूबे दिल्ली नगर निगम को बचाने की बजाय भाजपा ने निगमों का एकीकरण कर दिया। उन्हांने कहा कि भाजपा ने दिल्ली के प्रतिदिन 12350 टन निकलने वाले कचरे का सुव्यवस्थित निपटारा करने की बजाय 15 वर्षों कोई नई लैंडफिल नही बनाई जबकि गाजीपुर, औखला, भलस्वा लैंडफिल पर क्षमता से अधिक कूड़ा डाला जा रहा है इन्हें सुव्यवस्थित करने के नाम पर व ट्रॉमल मशीनों की खरीदारी में भाजपा ने हजारों करोड़ रुपये भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिए।


चौ0 अनिल कुमार ने मांग की कि, भाजपा की केन्द्र सरकार जल्द वार्डों के परिसीमन की प्रक्रिया पूरी कर दिल्ली नगर निगम चुनाव सुनिश्चित कराऐ, ताकि दिल्ली में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।


चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि, निगमों के एकीकरण पर अधिसूचना जारी होने के बाद पिछले 10 वर्षों में तीनों निगमों की 21,000 करोड़ की देनदारी और 7 वर्षों में अरविन्द केजरीवाल द्वारा रोकी गई 80 प्रतिशत राशि की देनदारी किन आधारों पर पूरी होगी यह भी बड़ा प्रश्न है। तीनों निगमों में 15000 अनुबंधित कर्मचारियां को पक्का करने का भाजपा का वायदा अगर भाजपा पूरा करती है उनके वेतन के लिए 6000 करोड़ रुपये का इंतजाम कैसे होगा तथा 10 हजार करोड़ के आर्थिक घाटे की भरपाई आदि कुछ बड़े सवाल है जो अब भाजपा की केन्द्र सरकार को जल्द ही सुलझाने होंगे।

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