विशेष (20/04/2022) 
दिल्ली: शिक्षक की गरिमा पुनःस्थापित करनी होगी - कुलपति प्रोफेसर धनंजय जोशी
मंडलीय शिक्षा प्रशिक्षण महाविद्यालय केशव पुरम में दीप प्रज्वलन के साथ दिल्ली शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय के कुलपति धनंजय जोशी ने, महाविद्यालय के वार्षिक समारोह तथा दीक्षांत समारोह का विधिवत उद्घाटन किया,  समारोह का आरम्भ प्रशिक्षु छात्राओं के  नृत्य के माध्यम से सरस्वती वंदना की आकर्षक  प्रस्तुति  के साथ हुआ जिसे देखकर  सभी  भाव विभोर हो गए । केशव पुरम डायट की प्रधानाचार्या अनामिका सिंह ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और  डाइट    की उपलब्धि व नवाचार पर विस्तार से अपनी बात रखते हुए सभी फैकल्टी सदस्य व अन्य स्टाफ की प्रशंसा करते हुए  डाइट    की उन्नति में योगदान की मुक्त कंठ से चर्चा की और सभी छात्रों को भी बधाई व शुभकामनाएं दी।  कुलपति प्रोफेसर धनंजय जोशी  ने अपने संबोधन में कहा की पद का महत्व नहीं है बल्कि व्यक्ति का महत्व है।उन्होंने आगे कहा कि संस्था भी महत्वपूर्ण नहीं होता है बल्कि विचार महत्वपूर्ण होता है।उन्होंने कहा कि आज शिक्षक की गरिमा घटी है ,इसलिए गरिमा को पुनः स्थापित करने हेतु ही शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय की स्थापना दिल्ली में की गई है।इसके लिए उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का आभार जताते हुए उनकी प्रशंसा भी की।उन्होंने कहा कि शिक्षक का काम मोटिवेट करना है न कि कठिन शब्दों का इस्तेमाल कर बड़ा होने का दंभ भरना।सरल शब्दों में छात्रों का मार्गदर्शन करने वाला ही सही अध्यापक है। आज हम सब कुछ बना रहे हैं लेकिन अच्छा इंसान नहीं।डॉक्टर जोशी ने राजा जनक और अष्टावक्र के बीच गुरु और शिष्य के भाव को रखकर गुरु की महिमा बताया। संयुक्त निदेशक (अकादमिक) डॉक्टर नाहर सिंह ने अपने संबोधन में कहा की हर शिक्षक के पास अपनी पुस्तक हो और शिक्षक को निरंतर पढ़ने की आदत हो, ताकि वे अपने को अद्यतन रखकर छात्रों को शिक्षित कर सके।उन्होंने कहा की जल्द ही डाइट पास बच्चों के लिए प्लेसमेंट की व्यवस्था की जाएगी, ताकि बच्चे अपने लिए धनार्जन करते हुए उच्च शिक्षा ग्रहण कर सके।उन्होंने आगे कहा कि नंबर गेम अब डाइट में नामांकन का आधार इस सत्र से समाप्त होने वाला है ,इसकी जगह स्वतंत्र एजेंसी द्वारा टेस्ट परीक्षा के आधार पर नामांकन होगा।साथ ही उन्होंने मेडल की जगह सिल्वर मेडल देने की घोषणा करते हुए कहा कि, इसका खर्च एससीईआरटी वहन करेगा। इस अवसर पर सभी उपस्थित गणमान्य अतिथियों द्वारा डाइट मैगजीन का विमोचन किया गया।साथ ही दीक्षांत समारोह के अवसर पर पिछले वर्ष पास हुए प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र तथा मेडल देकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर प्रथम वर्ष व द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षुओं को भी शैक्षिक,सांस्कृतिक,खेल आदि में उत्कृष्ट योगदान के लिए मेडल व प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ० अनामिका रोहिल्ला ने बताया की, डाइट इतिहास में पहली बार  ऐसे भव्य दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया है जिसके लिए डाइट की प्रिंसिपल अनामिका सिंह का कुशल निर्देशन सचमुच प्रशंसनीय है  ।    डॉ० रोहिल्ला ने छात्र -छात्राओं से आग्रह किया कि वे नया सोचे , नया करें एक आदर्श शिक्षक बनकर डाइट को गौरवान्वित करें    छात्र -छात्राओं द्वारा प्रस्तुत गिद्दा,भांगड़ा तथा लावणी नृत्य देखकर दर्शकों की तालिओं की गड़गड़ाहट से पूरा सभागार गूंज उठा   ।  अतिथिओं का स्वागत भी गर्मजोशी से किया गया जिसमें,  कुलपति   प्रोफेसर धनंजय जोशी का स्वागत डॉक्टर अनामिका सिंह ने, संयुक्त निदेशक एससीईआरटी  डॉक्टर नाहर सिंह का स्वागत वरिष्ठ प्राध्यापिका सरोज मल्लिक ने ,दरियागंज के प्रधानाचार्य रामकिशोर जी का स्वागत रविंद्र मल्लिक ने पौधों के गमले देकर पर्यावरण की रक्षा के प्रति अपनी आस्था का परिचय दिया, डॉक्टर कमल स्वरूप श्रीवास्तव ने कुलपति धनंजय जोशी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए उल्लेखनीय योगदान को सबके सामने रखा। मंच का कुशल संचालन  गुंजन और सिदारा ने किया  ।  समारोह में पीतमपुरा डाइट की प्रधानाचार्या  डॉक्टर सुमन नेहरा,प्रधानाचार्या रंजना रोहिल्ला व अन्य सभी वरिष्ठ प्राध्यापक ने अपनी उपस्थिति से समारोह को गरिमामय बना दिया  ।

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