विशेष (23/04/2022) 
गाजीपुर लैंडफिल में बार- बार आग लगने से भाजपा और केजरीवाल एक दूसरे पर आरोप लगाते हैं , चौ0 अनिल कुमार
गाजीपुर में लैंडफिल साइट से निकलने वाली जहरीली गैस और लगातार आग लगने से लोगों को सांस लेने और आंखों में जलन की तकलीफ झेल रहे है।- चौ0 अनिल कुमार

शुक्रवार को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि, गाजीपुर लैंडफिल में एक महीने में चार बार आग लगना भाजपा शासित दिल्ली नगर निगम और केजरीवाल की दिल्ली सरकार की खोखली योजना और बेबुनियाद बयानबाजी को साबित करता है कि, जब दिल्ली सरकार के प्रदूषण नियंत्रण विभाग और दिल्ली नगर ने वहां 24 घंटे के लिए निगरानी टीम तैनात की हुई है तब गाजीपुर लैंडफिल जो रिहायशी क्षेत्रों के बीच है उसमें आग लगने के बाद भीषण रुप कैसे ले सकती है। भीषण आग से नजदीकी क्षेत्र के लोग धुंए से हुए प्रदूषण से सांस लेने और आंखों में जलन से अधिक प्रभावित हो रहे है क्योंकि आग के कारण प्रदूषण का स्तर बहुत खराब हो जाता है।


चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने एंटी ओपन बर्निग अभियान के तहत 10 विभागों की 500 टीमां बनाने के बावजूद लैंडफिल साईट पर लगने वाली आग को रोक नही पा रहे हैं। सरकारों को कूड़े के पहाड़ का निपटारा करना चाहिए , ताकि वहां से मिथैन गैस निकलकर आग न लगे। उन्होंने कहा कि हर बार आग लगने के बाद दिल्ली नगर निगम और दिल्ली सरकार के अधिकारी जांच बैठाते, कमेटी गठित करते हैं, प्राईवेट कम्पनीज़ को कूड़ा निवारण के लिए ठेका दिया जाता है परंतु भ्रष्टाचार और आरोप प्रत्यारोप के कारण लैंडफिल में आग लगने की घटनाऐं बंद नही हो रही है।


चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि , भाजपा शासित दिल्ली नगर निगम और केजरीवाल सरकार की लापरवाही के कारण दिल्ली में गाजीपुर लैंडफिल साईट में इस साल रविवार तक आग लगने की चार घटनाऐं हुई है , जबकि पिछले साल इसी अवधि में आग लगने की 16 घटनाऐं हुई थी जिनमें 12 भलस्वा लैंडफिल साईट और 4 गाजीपुर लैंडफिल में हुई थी। इसी प्रकार 2020 में 15 और 2019 में दिल्ली की लैंडफिल साईटों पर आग लगने की 37 घटनाऐं हुई थी। उन्होंने कहा कि लैंडफिल साईटों पर करोड़ो रुपये खर्च करने के बावजूद भाजपा और आम आदमी पार्टी की सरकारें वास्तविकता में कोई काम नही कर रही हैं।


चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि, जब मोदी सरकार द्वारा दिल्ली के तीनों नगर निगमों का एकीकरण करके नगर निगम का प्रशासन सीधा अपने अधिकार में ले लिया , तो गाजीपुर लैंडफिल में आग लगने की जवाबदेही पूरी तरह केन्द्र सरकार की बन जाती है। उन्होंने कहा कि गाजीपुर लैंडफिल साईट पर कचरे को संशोधित करने के लिए निगम केन्द्र सरकार से फंड की मांग करनी चाहिए, ताकि नजदीकी क्षेत्र के निवासियों को प्रदूषण के खतरे और बार-बार आग लगने से बचाया जा सकें। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम और मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल व उनके मानसिकता की संकुचित मानसिकता यह है कि जमीनी हकीकत से दूर कार्य को अंजाम देने की बजाय सिर्फ खोखली बयानबाजी करते हैं।

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