विशेष (25/04/2022) 
आधुनिक पाइथियन खेल, भारत से विश्व स्तर पर कला और संस्कृति के, एक युग को शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार
रविवार को डेल्फ़ी, ग्रीस में डेल्फ़ी इकोनॉमिक फोरम में इतिहास रचने के बाद, मॉडर्न पाइथियन गेम्स के संस्थापक बिजेंदर गोयल, अब अंतर्राष्ट्रीय पाइथियन काउंसिल की संचालन संरचना बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने पाइथियन खेलों का समर्थन करने वाले 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों से अपने देशों में कानूनी ढांचे के साथ आगे बढ़ने का अनुरोध किया है।

गोयल ने एक बातचीत में कहा कि, हमने आधुनिक पाइथियन खेलों के पुनरुद्धार का एक चरण पूरा कर लिया है और यह हमारे लिए दुनिया भर में संबंधित राष्ट्रीय पाइथियन परिषदों और अंतर्राष्ट्रीय पाइथियन परिषद के कानूनी ढांचे का निर्माण करने और कला और  सांस्कृति गतिविधियां शुरू करने का समय है। हमने डेल्फी, ग्रीस से आधुनिक पाइथियन खेलों को पुनर्जीवित करने और दिल्ली में कार्यक्रम आयोजित करके आधुनिक पाइथियन खेलों का एक मॉडल दुनिया के सामने पेश करने की योजना बनाई है, अगले छह महीनों में सामाजिक कला और मार्शल आर्ट, भाषा और साहित्यिक कला, प्रदर्शन कला और संगीत कला के क्षेत्र में तीन वैश्विक मेगा परियोजनाएं शुरू करने की योजना हैं। इन कार्यक्रमों की तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी।
बिजेंदर गोयल, मॉडर्न पाइथियन गेम्स के संस्थापक  और दलीप सिंह, आईएएस (सेवानिवृत्त), पाइथियन काउंसिल ऑफ इंडिया के नामित अध्यक्ष ने हाल ही में डेल्फी इकोनॉमिक फोरम, ग्रीस के निमंत्रण पर ग्रीस का दौरा किया और 7 अप्रैल, 2022 को यूरोपीय सांस्कृतिक केंद्र, डेल्फी, ग्रीस के प्रदर्शनी हॉल में मॉडर्न पाइथियन गेम्स पर विशेष रूप से बनाए गए, सत्र को संबोधित किया।  यह सत्र तब और महत्वपूर्ण हो गया, जब ग्रीस के माननीय प्रधान मंत्री के सलाहकार जॉर्ज केर्मलिस और डेल्फी के पूर्व मेयर और डेल्फ़ी के अध्यक्ष पैनोस काल्टिस ने इसे देखा। गोयल ने सम्मेलन के दौरान ग्रीस गणराज्य के माननीय प्रधान मंत्री क्यारीकोस मित्सोटाकिस से भी मुलाकात की।
बिजेंदर गोयल ने बताया कि , ग्रीक इतिहास के प्राचीन पाइथियन खेलों पर आधारित है। ओलंपिक खेलों के संस्थापक  पियरे डी कौबर्टिन ने ओलंपिक खेलों के लिए खेलों में इस तरह की धारणा की अवधारणा की थी। कला और संस्कृति के मामले में पाइथियन खेलों की तुलना ओलंपिक से की जा सकती है। ओलंपिक के साथ-साथ उनका भी  मंचन किया जाता था जो समुदायों को एकजुट करने के लिए प्रसिद्ध था।
दिल्ली में मार्शल आर्ट के प्रमुख शम्मी अरोडा ने बताया कि, पायथियन गेम्स के प्रारूप को दुनिया भर में सराहा जा रहा है और इंटरनेशनल पाइथियन काउंसिल ने ग्रीस सहित पिछले 5 महीनों की छोटी अवधि के भीतर 100 से अधिक देशों में प्रवेश प्राप्त कर लिया है।
गोयल ने बताया कि, पाइथियन गेम्स हर चार साल में होंगे और किसी भी राष्ट्रीय या राज्य परिषद को उनकी सरकारों के समर्थन से उनकी मेजबानी करने के लिए बोली लगाने की अनुमति दी जाएगी। पाइथियन खेलों को विभिन्न कला श्रेणियों में बनाया गया है और खेल, त्योहार और जुड़ाव आठ प्राथमिक रचनात्मक क्षेत्रों में से प्रत्येक में होंगेरू संगीत कला, प्रदर्शन कला, दृश्य कला, सामाजिक और पारंपरिक कला, भाषा और साहित्यिक कला, वास्तुकला और पारिस्थितिकी, रोबोटिक्स और डिजिटल कला, मार्शल आर्ट, मनोरंजन खेल, साहसिक खेल, पारंपरिक खेल, और मरती हुई कला परंपराओं को पुनर्जीवित करने में समर्थन, जो भविष्य में पाइथियन खेलों की अपेक्षित परिमाण को निर्धारित करते हैं, जो ओलंपिक से भी बड़ा होगा।
गोयल ने कहा कि, हमने  भारत सरकार को लिखा है कि, मॉडर्न पाइथियन गेम्स  भारत को सांस्कृतिक कूटनीति में अग्रणी बनने में मदद कर सकते हैं,  पाइथियन खेलों की बढ़ती वैश्विक गतिविधि से भारतीय पर्यटन को लाभ होगा। यह देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ने और रोजगार सृजित करने में मदद करेगा, साथ ही साथ अपने वैश्विक पाइथियन संपत्तियों और आयोजनों से , पर्यटन, अनुदान, योगदान, प्रसारण अधिकार और प्रायोजन आदि के माध्यम से देश के लिए बहुत विदेशी मुद्रा  लाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि, इतिहास में पहली बार, भारत अब इस तरह के ऐतिहासिक और प्राचीन खेलों के बौद्धिक संपदा अधिकारों का मालिक है और भारत सरकार पाइथियन खेलों को उसी तरह बढ़ावा और बचाव कर सकती है जैसे स्विट्जरलैंड ने अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति को प्रायोजित और संरक्षित किया है। यह प्राचीन पाइथियन खेलों के 2600 साल पुराने इतिहास के कारण संभव होगा और भारत पूरी दुनिया को एक साथ लाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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