राष्ट्रीय (05/01/2022) 
बहुजन समाज की महिलाऐं माता सावित्री बाई फुले के संघर्ष को समझ लें तो समाज बदलाव की करवट लेने लगेगा : लक्ष्य
लखनऊ ||  लक्ष्य की आशियाना टीम ने बहुजन महानायिका माता सावित्री बाई फुले जी की जयंती लखनऊ के आशियाना में स्थित लक्ष्य कमांडर स्मिता चंद्रा जी के निवास स्थान पर मनाई और "देश की महिलाओं  के लिए शिक्षा के क्षेत्र में माता सावित्री बाई फुले जी का योगदान" विषय पर विस्तार से चर्चा की |

जो लोग बदलाव में विश्वास रखते है ऐसे लोग अपने मिशन के प्रति जिद्दी होते है वे असमानता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करते है बल्कि समानता के लिए संघर्ष करते है उसके लिए चाहे उनको कोई भी कीमत क्यों ना  चुकानी पड़े, ऐसा संघर्ष और भी कठिन हो जाता है जब आप  जिनके लिए संघर्ष कर रहे हो और वही लोग आप का विरोध करे।

वह समय ऐसा था जब कट्टरपन्थियों  का बोलबाला था हर क्षेत्र में असमानता थी, ऊंचनीच थी, बहुजन समाज व महिलाओं को समानता से दूर रखा गया था शिक्षा उनसे कोसो दूर थी |  शिक्षा ही दिमाग की बत्तियाँ जलाती है अर्थात् जागरूक करती है। उस समय में माता सावित्री बाई फुले ने उन कट्टरपन्थियों से जोरदार टक्कर लेते हुए, कदम कदम पर हो रहे अपमान का घूंट पीते हुए  महिलाओं के लिए शिक्षा के द्वार खोल दिए ऐसी थी हमारी वह माता,अगर बहुजन समाज की महिलाऐं माता सावित्री बाई फुले के संघर्ष को समझ लें तो समाज बदलाव की करवट लेने लगेगा। यह बात लक्ष्य की महिला कमांडरों ने अपनी चर्चा के दौरान कही |

इस कार्यक्रम में कमांडर स्मिता चंद्रा, चेतना राव, विजय लक्ष्मी गौतम,एडवोकेट लक्ष्मी गौतम, रागनी चौधरी, नीलम चौधरी, अनीता प्रसाद, सरिता सत्संगी, ममता प्रकाश, मधु सिंह, सुजाता सिंह, रश्मि सिंह ने हिस्सा लिया |
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