
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (ट्रांस यमुना रेंज) ने हथियारों और जाली नोटों की अंतरराज्यीय तस्करी करने वाले बड़े गिरोह को ध्वस्त करते हुए पांच शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का सरगना और एक महिला तस्कर भी शामिल है। पुलिस ने इनके कब्जे से 10 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, 68 जिंदा कारतूस, 4 लाख 10 हजार रुपये के जाली नोट और तीन कारें, जिनमें एक बुलेटप्रूफ स्कॉर्पियो भी है, बरामद की हैं।
स्पेशल सेल को जानकारी मिली थी कि मध्य प्रदेश से अवैध हथियार और बिहार के सिवान से जाली नोट दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई किए जा रहे हैं। इसी इनपुट पर इंस्पेक्टर राहुल कुमार और इंस्पेक्टर विनीत कुमार तेवतिया की टीम ने एसीपी कैलाश सिंह बिष्ट की निगरानी में ऑपरेशन चलाया और कड़ी निगरानी के बाद एक-एक कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
सबसे पहले मथुरा निवासी रवि ठाकुर को 6 जुलाई को पकड़ा गया, जिसके पास से 5 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल और 10 कारतूस बरामद हुए। रवि की निशानदेही पर गुरुग्राम से योगेश फोगाट को पकड़ा गया, जिसके पास से एक पिस्तौल मिली। योगेश से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह इलाके के अपराधियों को हथियार सप्लाई करता था। इसके बाद सोनिपत से कुलदीप उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से एक पिस्तौल और 35 कारतूस समेत बुलेटप्रूफ स्कॉर्पियो बरामद हुई।
गिरोह में शामिल महिला तस्कर मीरा को मथुरा से पकड़ा गया, जिसके घर से 5 जिंदा कारतूस बरामद हुए। आखिरकार गिरोह के सरगना सम्सु खान उर्फ रेहान को फिरोजाबाद में दबोचा गया, जिसके ठिकाने से 3 पिस्तौल, 18 जिंदा कारतूस और 4.10 लाख रुपये के नकली नोट मिले। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह सोशल मीडिया पर कोड वर्ड्स के जरिए नेटवर्क चलाता था और हर सदस्य सप्लाई पर मोटा कमीशन लेता था।
पुलिस के मुताबिक रवि ठाकुर पहले ऑटो चलाता था लेकिन जल्दी पैसा कमाने के लालच में हथियारों की तस्करी में उतर गया। योगेश फोगाट पहले भी हत्या के प्रयास के केस में जेल जा चुका है। कुलदीप ने रेलवे की नौकरी छोड़कर हथियारों की सप्लाई शुरू कर दी थी और अपनी स्कॉर्पियो को बुलेटप्रूफ तक बनवा लिया था। मीरा अपने पति से अलग रहने के दौरान सम्सु खान के संपर्क में आई और उसके इशारे पर हथियारों की सप्लाई करने लगी। सरगना सम्सु खान फिलहाल कई राज्यों की पुलिस को पहले से ही वांछित है और बंगाल में रहकर सोशल मीडिया से गिरोह चलाता था।
फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े बाकी सदस्यों और सप्लाई चैन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है ताकि पूरे गिरोह का जड़ से सफाया किया जा सके।