
दिल्ली के सेंट्रल जिले की AATS टीम ने इंटरस्टेट ऑटो लिफ्टिंग गैंग ‘उस्ताद-मौज’ पर बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शातिर वाहन चोरों और उनके रिसीवर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 10 चोरी के वाहन — 7 कारें और 3 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। गिरोह के सरगना आबेद उर्फ जावेद उर्फ उस्ताद समेत सभी आरोपी चोरी की गाड़ियों के इंजन और चेसिस नंबर मिटाकर उन्हें बेच देते थे या कबाड़ में कटवा देते थे।
2 जुलाई को प्रसाद नगर इलाके में संत सेवा दास मंदिर के पास खड़ी मारुति ईको कार चोरी होने की शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई। शिकायत के आधार पर प्रसाद नगर थाने और AATS सेंट्रल जिले की संयुक्त टीम बनाई गई। इंस्पेक्टर रघुवीर के नेतृत्व में गठित टीम में सब-इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह, ASI नरेश, हेड कांस्टेबल राजबीर, अनूज, रवि, गोविंद और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
तकनीकी निगरानी, CCTV फुटेज और लोकल इंटेलिजेंस के आधार पर पुलिस को होलम्बी कलां इलाके में सुराग मिला। दबिश देकर आबेद को उसके ठिकाने से पकड़ा गया। पूछताछ में आबेद ने साथियों आसिफ और दिलीप के नाम बताए, जिन्हें बाद में गिरफ्तार किया गया। तीनों ने पूछताछ में खुलासा किया कि चोरी की गाड़ियों को ये लोग कबाड़ बाजार मयापुरी में बेचते थे या कभी-कभी पहचान छिपाने के लिए पुराने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के चेसिस नंबर इस्तेमाल कर देते थे।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने सोनीपत में अश्विन नाम के रिसीवर को भी पकड़ा, जो चोरी की गाड़ियां खरीदता था। पुलिस ने उसके कब्जे से प्रसाद नगर से चोरी हुई ईको कार और एक सियाज कार बरामद की। साथ ही होलम्बी कलां स्थित घरों से और भी कई गाड़ियां, बाइक और कार स्टीरियो बरामद किया गया। आबेद पहले भी चोरी के चार मामलों में शामिल रहा है। पूछताछ में पता चला कि चोरी की गाड़ियों को ये लोग जरूरतमंदों को ड्राइविंग के लिए किराए पर भी देते थे और बाद में कबाड़ में कटवा देते थे।
पुलिस ने अब तक 6 अलग-अलग चोरी के मामलों को सुलझा लिया है और पांच गाड़ियों को जोड़ने की कार्रवाई जारी है। इस गिरोह के पकड़े जाने से दिल्ली में लगातार हो रही ऑटो चोरी की वारदातों पर बड़ी चोट मानी जा रही है।
सेंट्रल जिले के डीसीपी निधान वलसन ने इस सफलता के लिए पूरी टीम को शाबाशी दी है और कहा है कि इलाके में ऐसे संगठित गैंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।