
दिल्ली पुलिस की नॉर्थ जिले की बुराड़ी थाना टीम ने चालाकी से एटीएम में कैश जमा कराने के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन शातिर ठगों को धर दबोचा है, जो मदद करने का झांसा देकर लोगों से लाखों की ठगी कर चुके हैं। इनके कब्जे से 75 हजार रुपये नकद और अलग-अलग बैंकों के 30 एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं।
मामला 15 जुलाई का है जब एक व्यक्ति से तीन अज्ञात लोगों ने एटीएम में पैसे जमा कराने के नाम पर 98 हजार रुपये ठग लिए थे। पीड़ित की शिकायत पर ऑनलाइन ई-एफआईआर दर्ज की गई और जांच एसआई शुभम को सौंपी गई। पुलिस टीम ने एटीएम बूथ के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और गुप्त सूचना के आधार पर एक आरोपी धर्मेंद्र को चिह्नित किया। धर्मेंद्र की मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने कई जगह छापे मारे और आखिरकार उसे बदरपुर इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में धर्मेंद्र ने खुलासा किया कि यह ठगी उसने अपने दो साथियों साहेब कुमार साहनी और टुनटुन महतो के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने दोनों को भी उसी कमरे से गिरफ्तार कर लिया जहां वे किराये पर रहते थे।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे तीनों बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के रहने वाले हैं और दिल्ली में ई-रिक्शा चलाने और मजदूरी करने का काम करते थे। कम आमदनी से तंग आकर इन्होंने लोगों को एटीएम में कैश जमा कराने में मदद करने के बहाने ठगना शुरू किया। ये एटीएम बूथ के आसपास मंडराते रहते थे और मौका पाते ही कार्ड बदलने या मशीन से पैसा निकाल कर फरार हो जाते थे।
ठगी के दिन आरोपियों ने शिकायतकर्ता को भरोसे में लिया, फिर मशीन में नोट डालने के दौरान चार नोटों को मोड़ दिया ताकि मशीन उन्हें बाहर कर दे। इसके बाद उन्होंने पीड़ित को कहा कि वो बैंक काउंटर से नोट बदल ले, इसी बीच बाकी रकम मशीन से निकालकर फरार हो गए।
गिरफ्तार टुनटुन महतो पहले भी इसी तरह की चार वारदातों में शामिल रह चुका है और पिछले सात साल से इस तरह के अपराध करता आ रहा है। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के पिछले रिकॉर्ड और बाकी पीड़ितों का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि एटीएम में किसी भी अनजान व्यक्ति की मदद न लें और किसी भी धोखाधड़ी की सूचना तुरंत पुलिस को दें।