
दिल्ली के साउथ वेस्ट जिले की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने इंसानियत और कर्तव्य का उदाहरण पेश करते हुए तीन लापता नाबालिग लड़कियों को ढूंढकर उनके परिवारों से सकुशल मिला दिया। ये तीनों लड़कियाँ—15 साल की “K” और 17-17 साल की “N” व “S”—लगभग अलग-अलग समय पर लापता हुई थीं।
पुलिस टीम ने ऑपरेशन मिलाप के तहत लड़कियों को तलाशने के लिए दिल्ली और गुजरात तक का सफर तय किया। “K” को गुजरात के पिपली गांव से, “N” को आनंद विहार रेलवे स्टेशन और “S” को कौशांबी बस स्टैंड से बरामद किया गया। तीनों लड़कियों ने खुलासा किया कि वे घर में पाबंदियों और पारिवारिक तनाव के कारण नाराज़ होकर घर छोड़कर चली गई थीं।
इंस्पेक्टर बलबीर सिंह के नेतृत्व में बनाई गई विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, गुप्त सूत्रों से जानकारी जुटाई और जगह-जगह पोस्टर चिपकाकर अथक प्रयास किए। अंततः तीनों नाबालिगों को सुरक्षित खोज लिया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
दिल्ली पुलिस की यह कार्यवाही न सिर्फ उनकी सतर्कता का प्रमाण है बल्कि यह भी दिखाती है कि गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए ऑपरेशन मिलाप कितना प्रभावी साबित हो रहा है।