
उत्तर जिला दिल्ली की सराय रोहिल्ला पुलिस ने इंदरलोक इलाके में हुई डकैती की वारदात को महज 24 घंटे के अंदर सुलझाकर बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में पांच नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो स्कूल छोड़ चुके हैं और नशे की लत में पड़कर अपराध के रास्ते पर उतर आए थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल चाकू और घटना के वक्त पहने कपड़े बरामद कर लिए हैं।
दरअसल, 20 जुलाई 2025 को दीपचंद बंधु अस्पताल से पुलिस को सूचना मिली कि कचरा पार्क, इंदरलोक में एक युवक के साथ मारपीट कर उसे घायल कर दिया गया है। घायल युवक शोहराब आलम ने पुलिस को बताया कि वह शाहजादा बाग इंडस्ट्रियल एरिया की एक फैक्ट्री में मजदूरी करता है। 19-20 जुलाई की रात करीब 10 बजे जब वह कचरा पार्क से होकर गुजर रहा था, तभी चार लड़कों ने उसे घेर लिया। एक ने उसे पीछे से पकड़ लिया जबकि दो लड़कों ने उसके हाथ-पैर कसकर जकड़ लिए और चौथा उसकी जेबें खंगालने लगा। जब शोहराब ने विरोध किया तो आरोपियों ने चाकू से उसके हाथ और घुटने पर हमला कर दिया और उसका इनफिनिक्स मोबाइल छीनकर फैक्ट्री एरिया की तरफ भाग गए।
घटना की सूचना मिलते ही सराय रोहिल्ला थाने में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। इंदरलोक पुलिस चौकी के इंचार्ज एसआई विपिन शौकीन के नेतृत्व में इंस्पेक्टर विकास राणा (SHO/PS सराय रोहिल्ला) और एसीपी अनिल शर्मा के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई।
जांच के दौरान घटनास्थल पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं मिला, लेकिन टीम ने आसपास के इलाकों में लगे कैमरों की फुटेज खंगाली। इससे आरोपियों के भागने का रास्ता ट्रैक हुआ और यह भी पता चला कि कुल पांच लड़के घटना में शामिल थे। गुप्त सूचना और लोकल इंटेलिजेंस के आधार पर टीम ने रेलवे लाइन दया बस्ती के पास से दो नाबालिगों को दबोच लिया, जिनके पास से वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद हुआ। पूछताछ में दोनों ने बाकी तीन साथियों के नाम बताए, जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लूटा गया मोबाइल भी बरामद कर लिया गया।
पकड़े गए सभी आरोपी 14 से 17 साल की उम्र के हैं और दिल्ली के ही अलग-अलग झुग्गी इलाकों में रहते हैं। पूछताछ में इन नाबालिगों ने कबूल किया कि वे ड्रग्स और शराब की लत पूरी करने के लिए रात के वक्त सुनसान जगहों पर राहगीरों को निशाना बनाकर लूटपाट करते थे। वे लूटे गए मोबाइल को बेचने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही दबोच लिया।
दिल्ली पुलिस ने महज 24 घंटे में न सिर्फ आरोपियों को गिरफ्तार किया, बल्कि पीड़ित का मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर एक बड़ी सफलता दर्ज की है।