
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हत्या के एक सनसनीखेज मामले में छह महीने से फरार चल रहे कुख्यात आरोपी विषाल को आखिरकार बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की टीम ने बिहार के बेतिया जिले के कुमारबाग इंडस्ट्रियल एरिया से उसे गिरफ्तार किया। 22 वर्षीय विषाल मूल रूप से पश्चिम चंपारण, बिहार का रहने वाला है, लेकिन वह दिल्ली के बाबा हरिदास कॉलोनी में रहता था।
हत्या की यह वारदात 11 जनवरी 2025 को हुई थी। जानकारी के अनुसार विषाल को शक था कि उसी के इलाके के रहने वाले कौशल किशोर ने उसका मोबाइल फोन और पर्स चुरा लिया है। इसी शक में विषाल ने अपने साथियों संदीप, सुमित और मनोज उर्फ भोला के साथ मिलकर कौशल को पकड़ लिया और उससे चोरी की वस्तुएं वापस लेने के लिए बेरहमी से पिटाई कर दी। मारपीट इतनी गंभीर थी कि कौशल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वारदात को छुपाने के लिए आरोपियों ने मृतक के शव को बाबा हरिदास कॉलोनी के चारा मंडी इलाके में कचरे के ढेर में छिपा दिया और फरार हो गए।
घटना के बाद से ही विषाल ने अपने परिवार और जान-पहचान वालों से संपर्क तोड़ लिया था। क्राइम ब्रांच की एनडीआर यूनिट, आरके पुरम के इंस्पेक्टर योगेश और विनोद यादव के नेतृत्व में बनाई गई टीम ने एसीपी उमेश बर्थवाल की निगरानी में विषाल को पकड़ने के लिए लगातार दो महीने तक कड़ी मेहनत की। तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर टीम को पता चला कि विषाल ने बेतिया के एक गारमेंट फैक्ट्री में नया नाम बताकर काम शुरू कर दिया है। टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े जाने के बाद पूछताछ में विषाल ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसने बताया कि कैसे उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कौशल की हत्या की और फिर शव को कचरे में छिपा दिया ताकि पुलिस को भनक न लगे। इस मामले में उसके दो साथी संदीप और सुमित पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं और न्यायिक हिरासत में हैं।
बताया जाता है कि विषाल पहले बाबा हरिदास कॉलोनी में पिज्जा शॉप चलाता था, लेकिन घाटा होने के बाद वह अवैध शराब के धंधे में संदीप, सुमित और मनोज उर्फ भोला के साथ जुड़ गया था। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है ताकि इस हत्याकांड से जुड़े बाकी पहलुओं का भी खुलासा किया जा सके।