
नई दिल्ली। हिन्दी साहित्य की प्रतिष्ठित पत्रिका कवितावली के अगस्त अंक का भव्य लोकार्पण पूर्व थल सेना अध्यक्ष जनरल वेद प्रकाश मलिक (पीवीएसएम, एवीएसएम) के करकमलों से सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर साहित्य और सैन्य अनुशासन के अद्भुत संगम का साक्षी बना यह आयोजन कई मायनों में खास रहा।
मुख्य संपादक सुरेश पुष्पाकर ने जनरल मलिक का औपचारिक स्वागत किया, जबकि संयुक्त संपादक अलका कांसरा और डॉ. संतोष गर्ग ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम में पत्रिका के संपादक प्रेम विज ने कवितावली को हिन्दी साहित्यिक पत्रकारिता की वैश्विक यात्रा का अगुआ बताते हुए कहा कि यह पत्रिका हिन्दी भाषा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है।
लोकार्पण समारोह में जनरल मलिक ने कवितावली की सराहना करते हुए कहा कि यह पत्रिका न केवल उत्कृष्ट साहित्य का सशक्त माध्यम है, बल्कि यह प्रवासी भारतीयों को अपनी भाषा और संस्कृति से जोड़ने का एक मजबूत सेतु भी है। इस दौरान उन्होंने कारगिल युद्ध की कुछ महत्वपूर्ण स्मृतियां साझा कीं और बताया कि कैसे सीमित संसाधनों के बावजूद भारतीय सेना ने ऐतिहासिक विजय प्राप्त की। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में लिए गए दूरदर्शी फैसलों को याद किया और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की सराहना की, जिससे भारतीय सेना स्वदेशी अस्त्र-शस्त्रों से पहले से अधिक सक्षम हुई है।
इस गरिमामयी अवसर पर संपादकीय मंडल के सदस्य ग्रेट ब्रिटेन, जापान, अमेरिका और भारत सहित विभिन्न देशों से ऑनलाइन जुड़े। श्री पुष्पाकर के साथ प्रेम विज, डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी, डॉ. विजय कपूर, दुर्गेश प्रयागी, गणेश दत्त, साहिल सिंह, जापान से सुदेश मोदगिल नूर और अमेरिका से सुषमा मल्होत्रा जैसे साहित्यकारों ने अपनी उपस्थिति से समारोह को विशेष बनाया।
कार्यक्रम का समापन डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी ने सभी अतिथियों और साहित्य प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त कर किया।