
पूर्वी दिल्ली में सड़कों पर बढ़ रही स्नैचिंग और वाहन चोरी की घटनाओं पर कड़ा प्रहार करते हुए स्पेशल स्टाफ की टीम ने एक गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गैंग के दो शातिर स्नैचरों को जबरदस्त पीछा कर पकड़ लिया। इनके कब्जे से 10 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और तीन चोरी की गाड़ियां बरामद की गई हैं।
जानकारी के मुताबिक, हाल ही में पूर्वी जिले में मोबाइल झपटमारी और गाड़ियों की चोरी के मामलों में अचानक तेजी आई थी। इसे देखते हुए डीसीपी ईस्ट के निर्देश पर स्पेशल स्टाफ की टीम को इलाके में सक्रिय किया गया। टीम ने रात-दिन पेट्रोलिंग और लोकल इंटेलिजेंस के जरिए आरोपियों की घेराबंदी शुरू की। इसी दौरान पुलिस टीम ने हाई स्पीड बाइक पर सवार दो संदिग्धों को देख पीछा शुरू कर दिया। पुलिस को देखते ही दोनों ने यू-टर्न लेकर भागने की कोशिश की लेकिन बाइक का संतुलन बिगड़ने से दोनों मौके पर ही धर लिए गए।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान विकास और गुलशन उर्फ गोलू के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि गुलशन जेल से छूटने के महज एक महीने बाद ही दोबारा आपराधिक गतिविधियों में जुट गया था। दोनों स्नैचर चोरी की बाइक से इलाके में वारदात करते थे और फिर उन वाहनों को ट्रिलोकीपुरी की तंग गलियों में छुपा देते थे ताकि पुलिस की नजर से बच सकें।
पुलिस ने जब इनके कब्जे से बरामद मोबाइल और लैपटॉप की जांच की तो पता चला कि कुछ मोबाइल PS कल्याणपुरी, मायूर विहार और नोएडा से झपटे गए थे। इसके अलावा तीन चोरी की गाड़ियां — दो बाइक और एक स्कूटी — भी अलग-अलग इलाकों से चोरी की गई थीं।
पुलिस पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि पैसों की तंगी और पुरानी आपराधिक आदत के चलते वे दोबारा अपराध की दुनिया में लौट आए। चोरी और स्नैचिंग से मिलने वाला त्वरित पैसा उन्हें आसान रास्ता लगा। विकास पर पहले से 12 और गुलशन पर 24 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे भीड़-भाड़ से दूर इलाकों में मोबाइल का कम इस्तेमाल करें, संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत जानकारी पुलिस को दें और अपने वाहनों को सुरक्षित जगह पार्क करें। पूर्वी जिला पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि ऐसे आदतन अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।