
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की साइबर टीम ने एक डॉक्टर से करीब 15 लाख रुपये की ठगी के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी देश के अलग-अलग राज्यों में बैठकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर पैसे ऐंठते थे। गिरफ्तार आरोपियों में एक कर्नाटक के बेंगलुरु से पकड़ा गया, जबकि दूसरा पश्चिम बंगाल के कोलकाता से दबोचा गया।
साइबर थाना, सेंट्रल जिले में एक डॉक्टर ने शिकायत दी थी कि उसे खुद को सरकारी अफसर बताने वाले एक शख्स ने कॉल कर डिजिटल अरेस्ट की धमकी दी और करीब 14 लाख 85 हजार रुपये उसके खाते से ठग लिए। मामला दर्ज होते ही पुलिस टीम ने एसीपी ऑप्स सुरेश खुँगा की देखरेख में इंस्पेक्टर संदीप पंवार, एसआई अनुज तोमर समेत एक विशेष टीम बनाई।
जांच में पता चला कि ठगी की रकम एस.के. राइस होलसेलर एंड ट्रेडिंग नामक खाते में ट्रांसफर कराई गई थी। टेक्निकल सर्विलांस और डिजिटल ट्रेल्स के जरिए पुलिस ने सबसे पहले बेंगलुरु से आरोपी मोहम्मद साहिन खान को पकड़ा। पूछताछ में साहिन ने खुलासा किया कि उसने पश्चिम बंगाल निवासी बुध्ददेव हाजरा को अपने बैंक अकाउंट की जानकारी कमीशन के लालच में दी थी। इसके बदले उसे डेढ़ लाख रुपये मिले थे। साहिन के खुलासे के बाद बुध्ददेव को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस पूछताछ में बुध्ददेव ने बताया कि वह MBA पासआउट है और पहले बैंकों के लोन डिपार्टमेंट में काम कर चुका है। बाद में उसने जॉन नाम के एक शख्स के संपर्क में आकर ठगी के लिए अलग-अलग कंपनियों के बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने का धंधा शुरू कर दिया। साहिन के खाते के बदले बुध्ददेव को तीन लाख रुपये मिले थे, जिसे उसने साहिन से आधा-आधा बांट लिया था।
फिलहाल पुलिस इस गैंग के मास्टरमाइंड जॉन समेत अन्य साथियों की तलाश कर रही है और ठगी की रकम रिकवर करने की कोशिश जारी है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं और देश के कई राज्यों से जुड़े 10 और ऐसे ही मामलों के तार भी इसी नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं।