
नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में मोबाइल झपटमारी की वारदात को अंजाम देकर फरार हुए दो शातिर झपटमारों को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े बाइक सप्लायर और झपटे हुए मोबाइल को खरीदने वाले को भी दबोच लिया है। वारदात को लेकर ई-एफआईआर दर्ज होने के बाद सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के दम पर पुलिस टीम ने बड़ी कामयाबी हासिल की।
20 जुलाई की सुबह पीड़ित मंशु लूथरा अपने घर जा रहे थे, तभी तिस हजारी कोर्ट के सामने दो बाइक सवार युवकों ने उनके हाथ से एप्पल-15 प्रो मोबाइल फोन झपट लिया और बारफखाना चौक की तरफ फरार हो गए। इस मामले में पीड़ित की पत्नी ने पुलिस को सूचना दी थी। मामला दर्ज होते ही एसआई नितिन शर्मा के नेतृत्व में बनी टीम ने करीब 50 सीसीटीवी कैमरे खंगाले और बाइक की पहचान की। बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर यूपी के शामली के सतेंद्र के नाम पर निकला, लेकिन पूछताछ में पता चला कि बाइक नितिन नाम के युवक को ऑफिस के काम के लिए दी गई थी। नितिन ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने यह बाइक अफजल और ज़फर नामक युवकों को 5000 रुपये में एक दिन के लिए दी थी, ताकि वे अपराध कर सकें।
पुलिस ने दबिश देकर शास्त्री पार्क से अफजल और ज़फर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि उन्होंने ही बाइक से सुबह-सुबह ऑटो में बैठे पीड़ित से फोन छीना और बाद में उसे आफताब उर्फ सोनू नाम के मोबाइल रिपेयर दुकानदार को 20 हजार रुपये में बेच दिया। आफताब ने यह मोबाइल अपने जानकार नावेद को 22 हजार रुपये में बेच दिया। पुलिस ने आफताब को भी पकड़ लिया है और अब नावेद की तलाश जारी है ताकि पीड़ित का मोबाइल बरामद किया जा सके।
पुलिस जांच में पता चला कि अफजल पहले भी झपटमारी और आर्म्स एक्ट के दो मामलों में शामिल रहा है। वहीं ज़फर ने पहली बार पकड़े जाने की बात कबूल की है, लेकिन उसने भी कई बार झपटमारी की वारदातों को अंजाम दिया है। दोनों महज 22 साल के हैं और शास्त्री पार्क इलाके के रहने वाले हैं। नितिन की उम्र 31 साल है जबकि आफताब 38 साल का है और करोल बाग के गफ्फार मार्केट में मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता है।
पुलिस ने झपटमारी में इस्तेमाल बाइक, कपड़े बरामद कर लिए हैं और बाकी आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है।