
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पश्चिम विहार इलाके में दो आर्म्स एक्ट के मामलों में फरार चल रहे घोषित अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी आशिष उर्फ सागर कई मामलों में वांछित था और उसे कोर्ट ने ‘घोषित अपराधी’ घोषित कर रखा था।
जानकारी के मुताबिक, क्राइम ब्रांच की WR-II टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि आशिष उर्फ सागर, जो लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था, अपने साथी से मिलने के लिए मंगलपुरी इलाके में आने वाला है। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर पवन सिंह की अगुवाई में टीम ने इलाके में जाल बिछाया और मौके से आरोपी को दबोच लिया। टीम में तकनीकी निगरानी से लेकर जमीनी कार्रवाई तक सब कुछ बेहद गोपनीय ढंग से किया गया, जिससे आरोपी को भागने का मौका नहीं मिला।
पुलिस रिकॉर्ड में आशिष उर्फ सागर का लंबा आपराधिक इतिहास है। उस पर पहले से ही चोरी, स्नैचिंग, पॉक्सो, धमकी, महिलाओं से छेड़छाड़ जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। वर्ष 2022 में पश्चिम विहार वेस्ट इलाके में गश्त के दौरान पुलिस ने उसके पास से बटनदार अवैध चाकू बरामद किया था। इसी तरह 2018 में पश्चिम विहार ईस्ट में भी उसके पास से एक बटन से खुलने वाला स्टील चाकू मिला था। कोर्ट में पेश न होने पर उसे ‘घोषित अपराधी’ घोषित कर दिया गया था।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी कभी ई-रिक्शा चलाकर अपनी पहचान छुपाता था तो कभी नशे की लत में आपराधिक वारदातों को अंजाम देता था। पिता की मौत के बाद वह गलत संगत में पड़ गया और छोटी-मोटी चोरी से लेकर हथियार रखने जैसे अपराधों में शामिल हो गया।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क और हथियारों की सप्लाई लाइन की जांच में जुटी है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि फरार अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ताकि शहर में अपराधियों के हौसले पस्त किए जा सकें।