
नई दिल्ली। बाराखंभा रोड थाना पुलिस ने सरकारी नौकरी का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपए ऐंठने वाले एक ठग को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी सिता राम खुद को एनसीसी ऑफिस में काम करने वाला बताकर लोगों को भरोसे में लेता था।
मामला उस वक्त सामने आया जब दिल्ली दरबार ढाबा के मैनेजर, देवनंद साह ने पुलिस में शिकायत दी कि आरोपी सिता राम, जो अक्सर उनके ढाबे पर खाना खाने आता था, ने उनके बेटे को नेहरू युवा केंद्र संगठन (NYKS) में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। आरोपी ने खुद को नेशनल कैडेट कोर (NCC) ऑफिस का कर्मचारी बताया और इसके बदले 1.5 लाख रुपए की मांग की। भरोसे में आकर शिकायतकर्ता ने आरोपी को अपने बेटे की फोटो समेत जरूरी कागज दिए और करीब 1.34 लाख रुपए उसके अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए। कुछ दिनों बाद आरोपी ने एक जॉइनिंग लेटर भी व्हाट्सऐप पर भेजा, जिसमें उनके बेटे को 12 जनवरी 2024 को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया था।
लेकिन जब देवनंद साह के बेटे ने बताए पते पर जाकर जानकारी ली तो पता चला कि ऐसा कोई जॉइनिंग लेटर जारी ही नहीं हुआ है और ना ही कोई सिता राम वहां काम करता है। ठगी की सच्चाई सामने आते ही पीड़ित ने आरोपी से पैसे वापस मांगे लेकिन वह टालमटोल करता रहा।
शिकायत मिलने के बाद बाराखंभा रोड थाने की टीम ने इंस्पेक्टर महाबीर सिंह की अगुवाई में जांच शुरू की। आरोपी का पुराना पता गांव गोयला खुर्द, दिल्ली मिला लेकिन वह वहां 2013 में ही परिवार समेत मकान छोड़ चुका था। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की मदद से आरोपी को नोएडा से दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद सिता राम ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने PICSART एप के जरिए फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किया और व्हाट्सऐप पर भेजा। आरोपी ने माना कि वह अब तक कई युवाओं और युवतियों से इसी तरह NCC और ‘वीरता द यूथ पॉवर ऑफ इंडिया’ नाम के फर्जी संगठन के नाम पर ठगी कर चुका है। आरोपी खुद को इसी संगठन का फाउंडर और नेशनल सेक्रेटरी बताता था और सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर लोगों को भरोसे में लेता था।
पुलिस ने उसके पास से तीन मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक टैब, फर्जी मीडिया आईडी, NCC के फर्जी कार्ड और सेना-एनसीसी का स्टीकर लगा मारुति सियाज कार भी बरामद की है। जांच में पता चला कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही वसंत विहार और बुराड़ी थानों में ठगी और छेड़छाड़ जैसे मामलों में केस दर्ज हैं।
34 वर्षीय सिता राम मूल रूप से मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले का रहने वाला है। उसने 12वीं तक पढ़ाई की है और कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी। पढ़ाई के दौरान ही वह NCC से जुड़ा था और आत्मनिर्भर योजना में भी वॉलंटियर रह चुका है। फिलहाल पुलिस उससे जुड़े और मामलों की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि उसके साथ और कौन-कौन शामिल है।