
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के साइबर थाना में दर्ज मामलों के निपटारे में गड़बड़ी के चलते एक बड़ा घोटाला सामने आया है। इस घोटाले में खुद थाने का जांच अधिकारी (IO) ही फरार निकला, जो करीब चार महीने से लापता था। पुलिस टीम ने इंदौर से उसे उसकी महिला साथी समेत गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, साइबर थाना में दर्ज केसों की पड़ताल के दौरान अनियमितताएं पाई गई थीं। जांच में सामने आया कि आरोपी पुलिस अफसर ने फर्जी न्यायिक आदेशों के सहारे चार अलग-अलग फर्जी ट्रांजैक्शनों से करीब 75 लाख रुपये निकाल लिए थे।
जांच के दौरान साइबर थाना के एसएचओ इंस्पेक्टर राहुल के नेतृत्व में बनाई गई टीम ने तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। 18 जुलाई को इंदौर के एमराल्ड सिटी इलाके में दबिश देकर पुलिस ने आरोपी पुलिस अफसर अंकुर मलिक को गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ उसकी महिला साथी भी पकड़ी गई।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने उनके पास से 12 लाख रुपये नकद, 820 ग्राम सोने के सिक्के और बARS, 200 ग्राम सोने के आभूषण, 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, तीन एटीएम कार्ड और कई दस्तावेज बरामद किए।
पूछताछ में आरोपियों ने अपने तीन और साथियों के नाम उजागर किए। उनकी निशानदेही पर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से मोहम्मद इल्यास, आरिफ उर्फ मोनू और शादाब को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर इस गिरोह के बाकी सदस्यों और ठगी में इस्तेमाल हुए नेटवर्क का पता लगा रही है। माना जा रहा है कि यह गिरोह कई और ठगी के मामलों से जुड़ा हो सकता है।