
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल (दक्षिण-पश्चिम जिला) ने वर्क फ्रॉम होम के झांसे में लोगों को फंसाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में लक्ष्मी नगर निवासी दो ठगों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से तीन मोबाइल फोन और कई सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
दरअसल, पालम निवासी एक पीड़ित ने 20 जून को NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसे 18 जून को एक महिला ने व्हाट्सएप पर पार्ट टाइम वर्क फ्रॉम होम का ऑफर दिया। शुरुआत में उसे कुछ वेबसाइट रिव्यू करने पर रिवॉर्ड पॉइंट्स दिए गए। इसके बाद पीड़ित को बड़े इनाम के लालच में प्री-पेड टास्क करने को कहा गया। इस झांसे में आकर पीड़ित ने कई बार अपने पैसे जमा किए लेकिन हर बार उसे नए बहाने से और पैसे जमा करने को कहा गया और कुल मिलाकर उससे 3 लाख 75 हजार रुपये ठग लिए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआई चेतन राणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई, जिसमें एचसी विजयपाल और एचसी मनेंदर शामिल थे। इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक (एसएचओ/पीएस साइबर) की अगुवाई और एसीपी ऑप्स विजय कुमार की देखरेख में टीम ने बैंक खातों की जांच के साथ-साथ तकनीकी जांच शुरू की।
पैसे के लेन-देन की जांच में खुलासा हुआ कि ठगी की रकम में से एक लाख रुपये आईडीएफसी बैंक के एक खाते में जमा हुए थे, जो आरोपी अतिशाम के नाम पर था। उसने इस रकम को बैंक से चेक के जरिए निकाल भी लिया था, जिसकी पुष्टि बैंक की सीसीटीवी फुटेज से हुई। आगे जांच में पता चला कि इस रकम को मुकुल लूथरा उर्फ पंकज नामक आरोपी ने अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर बिटकॉइन में बदल दिया और ठगी के पैसों को क्रिप्टोकरेंसी के जरिए इधर-उधर घुमाकर बैंकिंग सिस्टम और पुलिस को चकमा देने की कोशिश की।
आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस को गुमराह कर रहे थे, लेकिन साइबर सेल की टीम ने तकनीकी निगरानी और लगातार दबिश देकर दोनों आरोपियों अतिशाम और मुकुल लूथरा को लक्ष्मी नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी टेलीग्राम और सोशल मीडिया के जरिए पूरे देशभर में लोगों को आसान कमाई के झांसे में फंसा रहे थे। पहले छोटे-छोटे टास्क करवा कर कुछ रकम वापस करते थे ताकि भरोसा बना रहे, फिर बिटकॉइन में निवेश के नाम पर मोटी रकम ऐंठ लेते थे।
फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और पुलिस उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है। इस केस में दर्ज FIR नंबर 44/2025 के तहत आगे की कार्रवाई जारी है।