
नई दिल्ली। साउथ-वेस्ट जिला पुलिस ने अपनी संवेदनशीलता और समर्पण से एक बार फिर मिसाल पेश की है। ऑपरेशन मिलाप के तहत जुलाई महीने में पुलिस ने 142 लापता लोगों को तलाश कर सुरक्षित उनके परिवारों से मिलवाया है। इनमें 61 बच्चे और 81 वयस्क शामिल हैं।
पुलिस की टीमों ने जैसे ही किसी बच्चे या व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिली, तुरंत तलाश शुरू कर दी। लोकल पूछताछ से लेकर सीसीटीवी फुटेज खंगालने तक, ऑटो स्टैंड, ई-रिक्शा स्टैंड, बस अड्डे, रेलवे स्टेशन—हर जगह फोटो दिखाकर सुराग जुटाए गए। बस ड्राइवर, कंडक्टर और स्थानीय विक्रेताओं से भी पूछताछ की गई। वहीं, आसपास के थानों और अस्पतालों के रिकॉर्ड भी खंगाले गए ताकि किसी भी सुराग को नज़रअंदाज न किया जाए।
इस दौरान कपाशेरा, सागरपुर, पालम विलेज, वसंत कुंज साउथ, दिल्ली कैंट, किशनगढ़, वसंत कुंज नॉर्थ, आरके पुरम, एसजे एनक्लेव, वसंत विहार, सरोजिनी नगर और साउथ कैंपस थाना पुलिस की टीमों ने अलग-अलग इलाकों में ऑपरेशन चलाकर बच्चों और वयस्कों को सकुशल ढूंढ निकाला। अकेले एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने ही 22 बच्चों को तलाश कर परिवारों को सौंपा।
साल की शुरुआत से अब तक साउथ-वेस्ट जिला पुलिस ने कुल 801 लापता लोगों को ढूंढा है, जिनमें 258 नाबालिग और 543 वयस्क शामिल हैं।
ऑपरेशन मिलाप के जरिए पुलिस ने न सिर्फ गुमशुदा लोगों को ढूंढा, बल्कि कई परिवारों में फिर से खुशियां लौटाई हैं। डीसीपी अमित गोयल ने कहा कि जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए पुलिस पूरी निष्ठा से काम कर रही है और भविष्य में भी ऑपरेशन मिलाप जैसी मुहिम जारी रहेगी।