
दिल्ली के आरके पुरम इलाके में 9 जुलाई की सुबह तड़के एक NSG जवान को कार से टक्कर मारकर भाग जाने वाले ड्राइवर को पुलिस ने आखिरकार 13 दिन की कड़ी मेहनत के बाद पकड़ लिया है। इस हिट एंड रन मामले ने दिल्ली पुलिस के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी क्योंकि घटनास्थल पर कोई चश्मदीद मौजूद नहीं था और घायल जवान को गंभीर हालत में एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराना पड़ा था।
जानकारी के मुताबिक, घायल की पहचान नरेंद्र सिंह के तौर पर हुई थी, जो नेशनल सिक्योरिटी गार्ड में तैनात हैं। हादसा उस वक्त हुआ जब नरेंद्र सिंह सुबह की सैर पर निकले थे और RTR मार्ग की सर्विस लेन में टहल रहे थे। तभी एक तेज रफ्तार मारुति अर्टिगा कार ने उन्हें टक्कर मारी और आरोपी मौके से फरार हो गया।
इस केस को सुलझाने के लिए थाना आरके पुरम के एसएचओ रवींद्र कुमार त्यागी के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। एसीपी वसंत विहार, बब्बर भान की निगरानी में टीम ने दिल्ली और नोएडा के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान संदिग्ध कार की पहचान हुई, जो उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पंजीकृत थी। पूछताछ में पता चला कि गाड़ी मालिक ने अपनी कार पवन कुमार नाम के ड्राइवर को दी थी, जो हाथरस, यूपी का रहने वाला है और फिलहाल वसंत कुंज के राजोकरी गांव में रह रहा था।
पुलिस ने उसके मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रैक की, जो नोएडा में आखिरी बार ऑन मिली थी, लेकिन कई बार दबिश के बावजूद आरोपी हाथ नहीं आया। पुलिस टीम ने लगातार तकनीकी निगरानी और मुखबिरों के जरिए उस पर नजर रखी। आखिरकार 24 जुलाई को पुख्ता सूचना के आधार पर टीम ने राजोकरी गांव से आरोपी पवन कुमार को धर दबोचा और उसी मारुति अर्टिगा कार को भी बरामद कर लिया, जिससे जवान को टक्कर मारी गई थी।
पूछताछ में पवन कुमार ने कबूल किया कि हादसे के दिन वह परिवार के साथ हरिद्वार से लौट रहा था। रास्ते में RTR मार्ग पर थकान की वजह से उसे झपकी लग गई और कार सीधी नरेंद्र सिंह को टक्कर मार गई। हादसे के बाद वह घबरा गया और परिवार के मना करने के बावजूद मौके से फरार हो गया। उसने बच्चों को राजोकरी में उतारकर खुद नोएडा में छिप गया था ताकि गिरफ्तारी से बच सके।
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की जांच की जा रही है। पुलिस की इस सफलता को इलाके में एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है क्योंकि बिना चश्मदीद और बेहद कम सुरागों के बावजूद टीम ने 13 दिन में केस को सुलझा लिया।