नई दिल्ली। द्वारका जिला पुलिस की एंटी-बर्गलरी सेल ने एक लंबे समय से फरार चल रहे पेशेवर चोर मुंचुन झा को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से चोरी का सोना-चांदी और तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। आरोपी पर पहले से 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से क्षेत्र में हुई कई चोरियों की गुत्थी भी सुलझ गई है।
19 जून 2025 को महावीर एन्क्लेव निवासी असलम अली ने अपने घर से सोने-चांदी के गहनों की चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। डीसीपी द्वारका के निर्देश पर एंटी-बर्गलरी सेल की एक विशेष टीम बनाई गई, जिसमें इंस्पेक्टर विवेक मैंडोला के नेतृत्व में एसआई विनोद, एचसी नरेश, एचसी कृष्ण, कांस्टेबल प्रवीण और सुबाष शामिल थे। टीम ने लगातार 10 दिनों की मेहनत के बाद 30 जून को हिमांशु उर्फ पोता को गिरफ्तार किया, जिससे चोरी का सोना बरामद हुआ। पूछताछ में हिमांशु ने अपने साथी मुंचुन झा का नाम बताया।
मुंचुन की तलाश में पुलिस ने सागरपुर, नसीरपुर, डाबड़ी, पालम, बिंदापुर और उत्तम नगर में कई बार छापेमारी की, लेकिन वह हर बार फरार होने में कामयाब हो गया। टीम ने हार नहीं मानी और लगातार निगरानी बनाए रखी। अंततः एचसी अनिल के एक सूचना स्रोत से जानकारी मिली कि मुंचुन चोरी का माल लेकर उत्तम नगर की जे.जे. कॉलोनी स्थित अंबेडकर पार्क में आएगा।
5 जुलाई को शाम करीब 5:30 बजे पुलिस ने जाल बिछाया और मुंचुन को रंगे हाथों पकड़ लिया। उसके पास से दो जोड़ी चांदी की पायल, एक जोड़ी चांदी का हाथफूल, एक सोने का मंगलसूत्र, दो सोने की नथ और तीन चोरी के मोबाइल बरामद किए गए।
पूछताछ में पता चला कि मुंचुन बिहार के वैशाली जिले का रहने वाला है और 2004 में अपने परिवार के साथ दिल्ली आया था। उसके पिता सुलभ में सफाईकर्मी और माता श्रमिक हैं। सातवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी और नशे की लत में पड़कर अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। उसने अब तक 17 वारदातों को अंजाम दिया है।
इस गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने डाबड़ी और उत्तम नगर थाने में दर्ज चार मामलों का खुलासा कर दिया है। मामले की जांच अब भी जारी है और पुलिस अन्य मामलों में भी उसकी संलिप्तता की पड़ताल कर रही है।





