नई दिल्ली, 18 अगस्त।
दिल्ली पुलिस के फ्रंटलाइन अधिकारियों को और अधिक संवेदनशील व पेशेवर बनाने के उद्देश्य से आज पुलिस मुख्यालय स्थित आदर्श ऑडिटोरियम में “एटीकेट एंड स्किल ट्रेनिंग” कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम का शुभारंभ दिल्ली पुलिस आयुक्त श्री एस.बी.के. सिंह, आईपीएस ने किया। इस अवसर पर उन्होंने इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए तैयार की गई दो हैंडबुक्स का भी लोकार्पण किया।
दिल्ली पुलिस अकादमी द्वारा तैयार इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में करीब 2,000 पुलिसकर्मियों को महज 15 दिनों में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें 700 ड्यूटी ऑफिसर और 1,300 इंटीग्रेटेड पब्लिक फैसिलिटेशन ऑफिसर शामिल होंगे। प्रशिक्षण का पहला चरण आज से शुरू हुआ, जिसमें ज़ोन-1 के 350 अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम 21 अगस्त तक चलेगा, वहीं 25 अगस्त से 4 सितंबर तक 1,300 आईपीएफओ को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
दो-दिवसीय इस कार्यशाला में पुलिसकर्मियों को न केवल कानूनी जानकारी दी जाएगी, बल्कि उन्हें पेशेवर आचरण, संवेदनशीलता और सॉफ्ट स्किल्स जैसी बारीकियों पर भी प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण का संचालन दिल्ली पुलिस अकादमी के विशेषज्ञों और अनुभवी संकाय द्वारा किया जा रहा है।
इस अवसर पर विशेष पुलिस आयुक्त (प्रशिक्षण) श्री संजय कुमार ने पुलिस आयुक्त का स्वागत किया। वहीं संयुक्त निदेशक, दिल्ली पुलिस अकादमी श्री आसिफ मोहम्मद अली ने इस कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डाला और बताया कि यह प्रशिक्षण पुलिस अधिकारियों के कौशल और ज्ञान को नई दिशा देगा।
पुलिस आयुक्त श्री एस.बी.के. सिंह ने उपस्थित पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनता के साथ पुलिस की पहली मुलाकात ही पूरे अनुभव की दिशा तय करती है। इसलिए आवश्यक है कि प्रत्येक पुलिसकर्मी शिष्टाचार, संवेदनशीलता और पेशेवराना अंदाज को अपनाए। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों को “शासक भाव से सेवा भाव” की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने यह भी कहा, “दूसरों से वही व्यवहार करें, जिसकी अपेक्षा आप दूसरों से करते हैं।”
दिल्ली पुलिस के इस प्रयास का मकसद है कि हर थाना स्तर पर कार्यरत ड्यूटी ऑफिसर और पब्लिक फैसिलिटेशन ऑफिसर नागरिकों की समस्याओं को न केवल त्वरित और सही ढंग से सुलझाएं, बल्कि उनके साथ सम्मानजनक और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार भी करें।





