दिल्ली को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), क्राइम ब्रांच ने एक बड़े ड्रग कार्टेल का पर्दाफाश करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 9 किलो से अधिक अल्प्राजोलम टैबलेट्स बरामद की हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है। साथ ही, अपराध में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।
मामला तब सामने आया जब 28 जुलाई 2025 को हेड कांस्टेबल दीपक परेवा और एएसआई सतबीर सिंह को सूचना मिली कि दिलशाद गार्डन मेट्रो स्टेशन के पास अवैध साइकोट्रॉपिक दवाओं की सप्लाई की जा रही है। इंस्पेक्टर प्रवीण राठी के नेतृत्व में और एसीपी राजकुमार की देखरेख में एक टीम का गठन कर आनंद विहार आईएसबीटी फ्लाईओवर, आपसरा बॉर्डर के पास जाल बिछाया गया। यहां से साहिबाबाद, गाजियाबाद निवासी 23 वर्षीय निशांत पाल को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से एक खाकी रंग के कार्टन में रखी 6.240 किलो अल्प्राजोलम टैबलेट्स, यानी करीब 60 हजार गोलियां, बरामद हुईं।
जांच के दौरान निशांत पाल ने अपने साथी का नाम उजागर किया, जिसके बाद 7 अगस्त 2025 को साहिबाबाद के अशोक वाटिका निवासी 23 वर्षीय अजय कुमार को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर गाजियाबाद के राजेंद्र नगर स्थित गोदाम से 3 किलो से अधिक अल्प्राजोलम टैबलेट्स बरामद की गईं। पुलिस के मुताबिक, एनडीपीएस एक्ट के तहत अल्प्राजोलम की वाणिज्यिक मात्रा केवल 100 ग्राम है, ऐसे में यह बरामदगी इस गिरोह के नेटवर्क के बड़े पैमाने को उजागर करती है।
जांच में पता चला कि दोनों आरोपी पहले मेडिकल से जुड़े काम कर चुके हैं और दवाओं के बारे में अच्छी जानकारी रखते हैं। निशांत पाल मेडिकल शॉप में काम करता था और बिना पर्चे या बिल के दवाओं की डिलीवरी करता था, जबकि अजय कुमार एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के साथ काम कर चुका है और कमीशन पर टैबलेट्स सप्लाई करता था।
क्राइम ब्रांच अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है, ताकि पूरे गिरोह को बेनकाब किया जा सके।







