नई दिल्ली, 18 फरवरी 2026:
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बड़े स्तर पर चलाए जा रहे फर्जी कमेटी घोटाले का पर्दाफाश करते हुए आरोपी चंदरदीप चमोली उर्फ ‘मास्टर जी’ और उसकी पत्नी सरिता चमोली को गिरफ्तार किया है। दंपति पर आरोप है कि इन्होंने ऊंचे और सुनिश्चित मुनाफे का लालच देकर 48 निवेशकों से करीब 2 करोड़ रुपये ठग लिए और रकम लेकर फरार हो गए।
मामले में 16 अक्टूबर 2025 को थाना ईओडब्ल्यू, मंदिर मार्ग में एफआईआर संख्या 133/25 दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता कुलदीप सिंह सहित अन्य पीड़ितों ने आरोप लगाया कि इंदरपुरी मेन मार्केट स्थित एक कार्यालय से आरोपी अवैध कमेटी योजनाएं चला रहे थे। शुरुआत में कुछ निवेशकों को समय पर छोटी-छोटी रकम लौटाकर भरोसा जीता गया, लेकिन बाद में बड़ी रकम इकट्ठा कर भुगतान बंद कर दिया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी वर्ष 2013-14 से कमेटी योजनाएं चला रहे थे और 52 से अधिक कमेटियां संचालित की गईं। कई कमेटियां परिपक्व होने के बावजूद न तो मूलधन लौटाया गया और न ही मुनाफा दिया गया। अप्रैल 2025 में आरोपी परिवार सहित दफ्तर बंद कर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, फरार होने से पहले आरोपियों ने कमेटी से जुड़े रजिस्टर नष्ट कर दिए और मोबाइल फोन व सिम कार्ड भी तोड़ दिए ताकि साक्ष्य मिटाए जा सकें।
लगातार तकनीकी निगरानी और दबिश के बाद 2 फरवरी 2026 को चंदरदीप चमोली को उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित शौकत अली रोड से गिरफ्तार किया गया। बाद में 12 फरवरी 2026 को उसकी पत्नी सरिता चमोली को भी मंदिर मार्ग स्थित ईओडब्ल्यू थाने में गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक चंदरदीप इंदरपुरी, पूसा और आसपास के इलाकों में ट्यूशन पढ़ाता था और इसी दौरान स्थानीय लोगों का भरोसा जीतकर उन्हें कमेटी में निवेश के लिए प्रेरित करता था। भरोसा कायम होने के बाद दोनों ने मोटी रकम जुटाई और फरार हो गए।
आर्थिक अपराध शाखा के डीसीपी Amit Verma ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है।:
‘हाई रिटर्न’ का लालच देकर 48 लोगों से 2 करोड़ की ठगी, ईओडब्ल्यू ने पति-पत्नी को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बड़े स्तर पर चलाए जा रहे फर्जी कमेटी घोटाले का पर्दाफाश करते हुए आरोपी चंदरदीप चमोली उर्फ ‘मास्टर जी’ और उसकी पत्नी सरिता चमोली को गिरफ्तार किया है। दंपति पर आरोप है कि इन्होंने ऊंचे और सुनिश्चित मुनाफे का लालच देकर 48 निवेशकों से करीब 2 करोड़ रुपये ठग लिए और रकम लेकर फरार हो गए।
मामले में 16 अक्टूबर 2025 को थाना ईओडब्ल्यू, मंदिर मार्ग में एफआईआर संख्या 133/25 दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता कुलदीप सिंह सहित अन्य पीड़ितों ने आरोप लगाया कि इंदरपुरी मेन मार्केट स्थित एक कार्यालय से आरोपी अवैध कमेटी योजनाएं चला रहे थे। शुरुआत में कुछ निवेशकों को समय पर छोटी-छोटी रकम लौटाकर भरोसा जीता गया, लेकिन बाद में बड़ी रकम इकट्ठा कर भुगतान बंद कर दिया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी वर्ष 2013-14 से कमेटी योजनाएं चला रहे थे और 52 से अधिक कमेटियां संचालित की गईं। कई कमेटियां परिपक्व होने के बावजूद न तो मूलधन लौटाया गया और न ही मुनाफा दिया गया। अप्रैल 2025 में आरोपी परिवार सहित दफ्तर बंद कर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, फरार होने से पहले आरोपियों ने कमेटी से जुड़े रजिस्टर नष्ट कर दिए और मोबाइल फोन व सिम कार्ड भी तोड़ दिए ताकि साक्ष्य मिटाए जा सकें।
लगातार तकनीकी निगरानी और दबिश के बाद 2 फरवरी 2026 को चंदरदीप चमोली को उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित शौकत अली रोड से गिरफ्तार किया गया। बाद में 12 फरवरी 2026 को उसकी पत्नी सरिता चमोली को भी मंदिर मार्ग स्थित ईओडब्ल्यू थाने में गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक चंदरदीप इंदरपुरी, पूसा और आसपास के इलाकों में ट्यूशन पढ़ाता था और इसी दौरान स्थानीय लोगों का भरोसा जीतकर उन्हें कमेटी में निवेश के लिए प्रेरित करता था। भरोसा कायम होने के बाद दोनों ने मोटी रकम जुटाई और फरार हो गए।
आर्थिक अपराध शाखा के डीसीपी Amit Verma ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है।




