शाहदरा जिले की एएसबी सेल ने ‘ऑपरेशन स्ट्रीट शील्ड’ के तहत कार्रवाई करते हुए एक शातिर लुटेरे को उसके दो साथियों समेत गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल बरामद की है। इस कार्रवाई से स्नैचिंग और स्नैचिंग के प्रयास के दो मामलों का खुलासा हो गया है।
घटना 6 फरवरी 2026 की है, जब PS GTB Enclave में एक पीसीआर कॉल के जरिए तीन अज्ञात बाइक सवारों द्वारा मोबाइल फोन छीने जाने की सूचना मिली। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। कुछ ही देर बाद PS M.S. Park में भी तीन बाइक सवारों द्वारा स्नैचिंग के प्रयास की सूचना पर एक और एफआईआर दर्ज की गई।
लगातार वारदातों को देखते हुए शाहदरा की एएसबी सेल की विशेष टीम गठित की गई। एसआई अजय तोमर के नेतृत्व में एएसआई राजकुमार, हेड कांस्टेबल सचिन, नवदीप और कुमार दिव्या वत्स की टीम ने एसीपी ऑपरेशंस मोहितर सिंह के पर्यवेक्षण में जांच शुरू की। टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज के विश्लेषण से पता चला कि आरोपी काले रंग की बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल पर आए थे और वारदात के बाद एमएस पार्क अंडरपास की ओर फरार हो गए।
एएनपीआर कैमरों की मदद से पुलिस ने मोटरसाइकिल का रजिस्ट्रेशन नंबर ट्रेस कर लिया, जो लोनी, गाजियाबाद निवासी मुन्ना के नाम पर पंजीकृत निकला। पुलिस ने मुन्ना को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की, जिसमें उसने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए अपने साथियों गौरव उर्फ आजाद और वंश के नाम उजागर किए। इसके बाद दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया और उनकी निशानदेही पर छीना गया ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन बरामद किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं और बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए स्नैचिंग और चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार, गौरव उर्फ आजाद इस गैंग का मास्टरमाइंड है और वह पहले भी लूट, आर्म्स एक्ट और चोरी के 13 मामलों में शामिल रह चुका है, जबकि वंश और मुन्ना अपराध की दुनिया में नए हैं।
शाहदरा जिले के पुलिस उपायुक्त Parshant Gautam ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए इस तरह के विशेष अभियान आगे भी जारी रहेंगे।





