दिल्ली क्राइम ब्रांच की इंटर-स्टेट सेल ने राजधानी के ओखला इंडस्ट्रियल एरिया में नकली सामान बनाने के बड़े खेल का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने नकली पैकेजिंग मटेरियल और तैयार माल जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। पुलिस टीम ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जबकि दो को बाउंड डाउन किया गया है। वहीं, इस धंधे का मास्टरमाइंड और कथित मालिक मोहम्मद जियारत अभी फरार है।
मामले की शुरुआत उस समय हुई जब मून डस्ट पेपर प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि आकाश गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ लोग उनकी कंपनी के प्रोडक्ट ‘कैप्टन गोगो’ के नाम से नकली पैकेजिंग और प्रोडक्ट्स तैयार कर रहे हैं और उन्हें दिल्ली-एनसीआर के बाजारों में बेचकर उपभोक्ताओं को गुमराह कर रहे हैं। कंपनी को इससे भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा था।
खुफिया सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर शिवराज सिंह बिष्ट के नेतृत्व और एसीपी रमेश चंदर लांबा की देखरेख में बनाई गई टीम ने छापा मारकर पूरी तरह चालू नकली पैकेजिंग यूनिट का भंडाफोड़ किया। मौके पर आरोपी तौसम अंसारी धंधे की देखरेख करता मिला, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा सगीर अहमद उर्फ मोनू और शाहनवाज़ अहमद को भी पकड़ा गया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 18 बॉक्स इनर कोन सिगरेट पैकेजिंग, 45 किलो प्रिंटेड शीट्स, 33 प्रिंटिंग प्लेट्स जिन पर “कैप्टन गोगो” का ब्रांड नाम था, एक प्रिंटिंग डाई और एक हैवी ड्यूटी प्रिंटिंग मशीन बरामद की। इन सामानों की कुल बाजार कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
जांच से खुलासा हुआ है कि आरोपी सस्ते उत्पाद खरीदकर उन पर नकली होलोग्राम, लेबल और पैकेजिंग लगाकर उन्हें असली प्रोडक्ट की तरह बाजार में उतार रहे थे। ज्यादातर सौदे नकद में किए जाते थे ताकि पकड़ से बचा जा सके। पुलिस ने एक अन्य प्रिंटिंग यूनिट पर भी छापा मारकर इसी तरह का सामान जब्त किया है।
पुलिस ने इस मामले में कॉपीराइट एक्ट की धाराओं 63/68 और बीएनएस की धाराओं 349/318(2)/61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल फरार आरोपी और सप्लाई नेटवर्क की तलाश जारी है।





