दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपनी सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर पूर्ववर्ती सरकारों पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार वादों और विज्ञापनों की नहीं, बल्कि परिणामों की सरकार है। 15 वर्षों तक सत्ता में रही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और 11 वर्षों तक शासन करने वाली आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बीते वर्षों में दिल्ली को पोस्टर और प्रचार की राजनीति में उलझाकर रखा गया, जबकि उनकी सरकार “कम कागज़, ज़्यादा काम” के सिद्धांत पर आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले आरोप-प्रत्यारोप और टकराव की राजनीति ने प्रशासनिक गति को धीमा कर दिया था। अब सख्त समय-सीमा आधारित कार्यप्रणाली लागू की गई है, जिसमें जवाबदेही सर्वोपरि है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली अब ट्वीट और विज्ञापन की राजनीति से निकलकर जमीनी परिणामों की ओर बढ़ चुकी है।
यमुना की सफाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि दशकों तक घोषणाएं तो हुईं, लेकिन ठोस सुधार नहीं दिखा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों के लंबे कार्यकाल में नदी के पुनर्जीवन के लिए गंभीर प्रयास नहीं हुए। वर्तमान सरकार ने कार्यभार संभालते ही सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के उन्नयन, नालों को टैप करने और नई परियोजनाओं के जरिए प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
कचरा प्रबंधन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले दैनिक कचरा उत्पादन के अनुरूप प्रोसेसिंग क्षमता नहीं बढ़ाई गई, जिसके कारण लैंडफिल पहाड़ बने। अब बायोमाइनिंग क्षमता को कई गुना बढ़ाया गया है और लक्ष्य रखा गया है कि प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले पूरे कचरे का उसी दिन निस्तारण हो।
प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में उन्होंने कहा कि पहले नारे और प्रेस कॉन्फ्रेंस अधिक होती थीं, लेकिन अब वैज्ञानिक आधार पर अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक रोडमैप तैयार कर उसे लागू किया जा रहा है।
शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए फीस रेगुलेशन एक्ट लागू किया, जिससे लाखों अभिभावकों को राहत मिली है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारें संरचनात्मक सुधारों के बजाय प्रचार पर अधिक ध्यान देती थीं।
प्रशासनिक कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि जहां पहले टकराव हावी था, वहीं अब संवाद और समन्वय को प्राथमिकता दी जा रही है। डिजिटल सिस्टम, वित्तीय अनुशासन और संस्थागत सुधारों के माध्यम से पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया गया है।
अरविंद केजरीवाल पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ दिखने पर चेक लेकर पहुंचना आसान था, लेकिन कोविड के दौरान दिवंगत हुए सरकारी कर्मचारियों और डॉक्टरों के परिवारों की सहायता वर्षों तक लंबित रही। उनकी सरकार ने ऐसे सभी मामलों का समाधान कर दिया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विश्वास जताया कि एक वर्ष में शासन की दिशा बदल चुकी है और आने वाले वर्षों में दिल्ली व्यापक परिवर्तन की साक्षी बनेगी। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली दोषारोपण की राजधानी नहीं, बल्कि जवाबदेही की राजधानी बन रही है।




