नई दिल्ली, 10 जुलाई, 2025।
राजधानी में बुधवार शाम हुई तेज बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति ने दिल्लीवासियों को परेशानी में डाला तो मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तुरंत एक्शन लेते हुए अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि जलभराव को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता को किसी भी कीमत पर परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब और सिंचाई-बाढ़ नियंत्रण समेत सभी जिम्मेदार विभागों के आला अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में सड़कों पर पानी भर जाता है, वहां तात्कालिक समाधान के साथ-साथ स्थायी समाधान पर भी काम होना चाहिए। रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नालों और नालियों की सफाई में कोई कोताही न हो, सड़क किनारे की नालियों की जांच और सफाई लगातार होती रहे ताकि पानी का बहाव बिना रुके बना रहे।
मुख्यमंत्री ने कचरा प्रबंधन को लेकर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि सड़कों और नालियों में जमा कूड़ा जलभराव की बड़ी वजह बनता है, जिसे समय रहते हटाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड पर सक्रिय रहने और मॉनसून के दौरान भी नियमित निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने कहा कि जहां जलभराव की शिकायतें बार-बार आती हैं, उन इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाए।
रेखा गुप्ता ने कहा कि मिंटो रोड ब्रिज और आईटीओ चौराहे पर इस बार पानी नहीं भरना विभागों की बेहतर तैयारी का संकेत है। जब इतनी चुनौतीपूर्ण जगहों पर जलभराव रोका जा सकता है तो बाकी इलाकों में भी ऐसा ही किया जा सकता है। उन्होंने साफ कहा कि विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा और जिम्मेदारी तय करनी होगी ताकि बारिश के दौरान ट्रैफिक और जनता को होने वाली परेशानी को न्यूनतम किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अगर बारिश के चलते जलभराव होता भी है तो उसे जल्द से जल्द साफ करने की व्यवस्था पहले से तैयार रहनी चाहिए। सरकार की प्राथमिकता है कि दिल्लीवासी मॉनसून में राहत महसूस करें, इसके लिए सभी विभाग 24 घंटे निगरानी रखें और फील्ड स्टाफ की जवाबदेही तय करें।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि राजधानी हर बारिश में पानी-पानी न हो।





