नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘महावीर कथा 3.0’ आध्यात्म और श्रद्धा का भव्य संगम बनकर उभरा, जहां भगवान महावीर के 2625 वर्ष पुराने संदेशों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सार्थक प्रयास किया गया। कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर इसे यादगार बना दिया।
आयोजन में जैन संत आचार्य लोकेश मुनि की गरिमामयी उपस्थिति ने माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया, जबकि प्रसिद्ध वक्ता राजीव जैन CA ने अपने प्रभावशाली कथा वाचन से श्रोताओं को भगवान महावीर के जीवन और उनके सिद्धांतों से गहराई से जोड़ा।

इस अवसर पर मनोनीत पार्षद और फाउंडेशन निदेशक मनोज कुमार जैन ने कहा कि “जियो और जीने दो” का सिद्धांत आज के समय में विश्व शांति की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने भगवान महावीर के अहिंसा, अपरिग्रह और आत्मशुद्धि के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि यही मार्ग समाज में शांति और सद्भाव स्थापित कर सकता है।
पूरे आयोजन में भक्ति और आध्यात्म का माहौल बना रहा, जहां भजनों और विचारों के माध्यम से लोगों को आत्मचिंतन का संदेश दिया गया। ‘महावीर कथा 3.0’ एक धार्मिक कार्यक्रम से आगे बढ़कर आध्यात्मिक जागरण का मंच साबित हुआ, जिसका समापन “जय जिनेंद्र” के उद्घोष के साथ हुआ।






