दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने 13 साल से फरार चल रहे एक घोषित अपराधी को दबोच लिया है, जिस पर अपनी बुआ की बेरहमी से हत्या करने का आरोप है। मामला दिल्ली के वेलकम थाने का है, जहां साल 2012 में संपत्ति विवाद के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया था।
दरअसल, 29 जनवरी 2012 को अशोक, भारत, हीरा, सोनू और बबलू नामक आरोपियों ने मिलकर भारत की दूसरी पत्नी, राजरानी उर्फ राजकुमारी पर केरोसिन डालकर आग लगा दी थी। बुरी तरह झुलसने के बाद इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई और पुलिस ने आईपीसी की धारा 307, 302 और 34 के तहत मामला दर्ज किया। उसी साल जुलाई में सोनू, अशोक कुमार, हीरा देवी और बबलू को अदालत ने ‘घोषित अपराधी’ (Proclaimed Offender) करार दिया था। अशोक और हीरा को बाद में पकड़ लिया गया, लेकिन सोनू और बबलू फरार रहे।
पुलिस को सोनू के दिल्ली के सीता राम बाजार इलाके में छिपे होने की गुप्त सूचना मिली। इंस्पेक्टर मंजीत कुमार के नेतृत्व में एसीपी अनिल शर्मा की निगरानी में साइबर सेल की टीम ने जाल बिछाया। 10 अगस्त 2025 को सावधानीपूर्वक बनाई गई योजना के तहत टीम ने रेड की और थोड़ी पीछा करने के बाद सोनू उर्फ अजय को गिरफ्तार कर लिया।
43 वर्षीय सोनू, अशोक कुमार का बेटा है और अशिक्षित है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह पिछले 13 सालों में नागपुर, हैदराबाद, जयपुर और राजस्थान के गोगामेड़ी समेत कई जगहों पर अपना ठिकाना बदलता रहा, ताकि पहचान न हो सके। अब पुलिस आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।





