दिल्ली क्राइम ब्रांच की एजीएस टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर सद्दाम ग़ोरी गैंग के दो कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों आरोपी हाल ही में रन्होला इलाके में हुई सनसनीखेज़ फायरिंग और हत्या की कोशिश के मामले में वांछित थे। गिरफ्तारी टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार कर रहे थे, जिनकी टीम ने तकनीकी निगरानी और मैनुअल इंटेलिजेंस जुटाकर आरोपियों को द्वारका इलाके से दबोचा।
पकड़े गए अपराधियों की पहचान जसवंत सिंह उर्फ़ जिमी और अंकित यादव के रूप में हुई है। दोनों पर रन्होला थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 548/2025 के तहत हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के आरोप हैं। जांच के दौरान दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने गैंग रंजिश के चलते अपने साथियों संग मिलकर राहुल नामक युवक पर जानलेवा हमला किया था।
दरअसल, 17 अगस्त को शिकायतकर्ता आज़ाद आलम ने बताया था कि वह अपने दोस्त रोहित के साथ विकास नगर जा रहा था। रास्ते में उसने देखा कि उसका भाई राहुल, जिमी, अंकित और उनके साथी निशांत यादव से झगड़ रहा है। आरोप था कि राहुल ने उनका बाइक जला दिया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। गुस्से में जिमी ने पिस्टल निकालकर फायर करने की कोशिश की लेकिन ट्रिगर दबने से पहले ही गोली नहीं चली। इसके बाद अंकित ने पिस्टल छीनकर गोली चला दी, जो आज़ाद आलम के कंधे और हथेली में जा लगी। इसी दौरान निशांत ने हथियार ले लिया, लेकिन उसे मौके पर मौजूद लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
गिरफ्तार आरोपी जसवंत सिंह उर्फ़ जिमी, विकास नगर का रहने वाला है और पहले भी हत्या की कोशिश, फायरिंग और आर्म्स एक्ट जैसे मामलों में जेल जा चुका है। दिखावे के लिए वह तवा रोटी सप्लाई का काम करता है, लेकिन असल में गैंग का सक्रिय सदस्य है और अवैध हथियारों की सप्लाई तथा गैंग के अन्य अपराधियों को पनाह देने का काम करता है। दूसरी ओर, अंकित यादव उत्तम नगर का रहने वाला है और पिता के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का धंधा करता है। इस धंधे को वह अपने गैंग से जुड़े अवैध कामों को छुपाने के लिए इस्तेमाल करता है। अंकित पर भी पहले से आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है और वह हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क संभालता रहा है।
दिल्ली क्राइम ब्रांच के डीसीपी विक्रम सिंह ने बताया कि आरोपियों को गिरफ़्तार करने के लिए टीम ने लगातार कड़ी मेहनत की और गुप्त सूचना मिलते ही रणनीतिक जाल बिछाकर दोनों को पकड़ लिया। फिलहाल पुलिस आरोपियों से और पूछताछ कर रही है ताकि गैंग के अन्य सदस्यों और हथियारों की सप्लाई चेन तक पहुँचा जा सके।





