इस अवसर पर श्री कुलजीत सिंह चहल ने प्रतियोगिताओं का शुभारंभ करते हुए कहा कि “सेवा चित्र” के माध्यम से विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता और रचनात्मक अभिव्यक्ति में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प की झलक देखने को मिलेगी। विद्यार्थी अपने चित्रों के माध्यम से सेवा, समर्पण, जनभागीदारी तथा ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को अभिव्यक्त करेंगे।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को सेवा भावना, राष्ट्र निर्माण, नागरिक जिम्मेदारी, स्वच्छ एवं हरित भारत, नवाचार, युवा शक्ति तथा भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत जैसे विषयों पर अपनी सोच और कल्पनाओं को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
श्री चहल ने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं और उनके भीतर सेवा, अनुशासन, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा राष्ट्र निर्माण के संस्कार विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कला और रचनात्मक गतिविधियां बच्चों को अपने विचारों, सपनों और सामाजिक सरोकारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने का अवसर देती हैं। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्र के विकास की व्यापक सोच से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि “सेवा चित्र” प्रतियोगिताएं 6 से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की जाएंगी। प्रतियोगिता में प्राप्त प्रविष्टियों का मूल्यांकन प्रतिष्ठित कलाकारों, कला विशेषज्ञों, शिक्षाविदों तथा संबंधित विषयों के विशेषज्ञों की जूरी द्वारा किया जाएगा।
17 अक्टूबर 2026 को विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें चयनित एवं विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार, मेरिट प्रमाण-पत्र और सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही चयनित विद्यार्थियों की उत्कृष्ट कलाकृतियों को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे उन्हें अपनी प्रतिभा को व्यापक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिल सके।
इस पहल के तहत संबंधित एनडीएमसी स्कूल विद्यार्थियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रारंभिक स्तर पर प्रविष्टियों के चयन तथा कलाकृतियों को प्रस्तुत एवं प्रदर्शित करने के लिए शिक्षा विभाग और कला एवं संस्कृति विभाग के साथ समन्वय करेंगे।
एनडीएमसी का यह संयुक्त प्रयास ‘स्वच्छता ही सेवा’ के माध्यम से स्वच्छ एवं स्वस्थ सार्वजनिक स्थलों के निर्माण तथा ‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नागरिक जिम्मेदारी, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण की सोच विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।






