दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की टीम ने दिल्ली और यूपी में एक साथ ऑपरेशन चलाकर दो ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन तस्करों के पास से कुल 592 ग्राम हेरोइन और तीन लाख रुपये की नकदी बरामद की है। जब्त की गई नशीली सामग्री की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में तीन करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
क्राइम ब्रांच की टीम को खुफिया सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति दिल्ली के बापरोला इलाके में ड्रग्स की आपूर्ति कर रहा है। 31 जुलाई को दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम ने जयहिंद विहार, बापरोला इलाके में छापेमारी कर आरोपी सुशील अरोड़ा उर्फ विक्की को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के किराए के मकान से 292 ग्राम हेरोइन और ₹3 लाख नकद बरामद किए गए। आरोपी पहले भी एक डकैती के मामले में जेल जा चुका है और रन्होला थाने का घोषित “BC” है। जेल में ही उसकी मुलाकात नशे के सौदागरों से हुई, जिन्होंने उसे ड्रग तस्करी के धंधे में उतारा। जेल से छूटने के बाद वह बरेली से मादक पदार्थ मंगवाकर दिल्ली-एनसीआर में बेचने लगा।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह हेरोइन बरेली निवासी शक्ति उर्फ वासी से खरीदता था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 2 अगस्त को बरेली में दबिश देकर शक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के घर से 300 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। 24 वर्षीय शक्ति बरेली के फरीदपुर का रहने वाला है और अपने पिता के साथ कपड़े प्रेस करने की दुकान चलाता है। पढ़ाई में रुचि न होने और शराब की लत के चलते वह असामाजिक तत्वों के संपर्क में आ गया और नशे के कारोबार में कूद पड़ा।
एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने दिल्ली और आसपास के इलाकों में सक्रिय ऐसे नेटवर्क्स के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है, जो युवाओं को नशे की गर्त में धकेल रहे हैं। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और आगे की जांच जारी है।





