दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एमपी (मध्यप्रदेश) बेस्ड इंटरस्टेट हथियार सप्लाई सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए दो कुख्यात सप्लायर्स को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से 15 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुरतज़ा खत्री (31) और वसीम कुरैशी (25), दोनों निवासी जिला बड़वानी, मध्यप्रदेश के रूप में हुई है।
स्पेशल सेल की टीम ने लंबे समय से एमपी से दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय अवैध हथियार गिरोह की गतिविधियों पर नज़र रखी हुई थी। जांच में पता चला कि मध्यप्रदेश से जुड़े यह तस्कर बड़ी संख्या में हथियारों की सप्लाई दिल्ली और आसपास के अपराधियों तक कर रहे हैं। कई महीनों तक चले ऑपरेशन के बाद पुलिस को सफलता मिली और 5 सितंबर 2025 को दोनों आरोपी दिल्ली के बुराड़ी इलाके में हथियारों की सप्लाई करने आए थे। मौके पर दबिश देकर उन्हें धर दबोचा गया। मुरतज़ा के बैग से 8 पिस्टल और वसीम के बैग से 7 पिस्टल बरामद हुईं।
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे पिछले 4-5 सालों से इस अवैध धंधे में सक्रिय हैं। दोनों ने खुलासा किया कि वे एमपी के एक हथियार सप्लायर से पिस्टल खरीदते थे। एक पिस्टल 15 हजार में खरीदकर उसे 25 हजार रुपये में दिल्ली-एनसीआर के अपराधियों को बेचते थे। इस बार भी वे हथियारों की खेप दिल्ली में अपने संपर्क रोशन को सौंपने आए थे।
आरोपियों की प्रोफाइल भी आपराधिक रिकॉर्ड से भरी पड़ी है। मुरतज़ा खत्री की शिक्षा तीसरी कक्षा के बाद छूट गई थी और वह पहले भी 8 आपराधिक मामलों में शामिल पाया गया है। वहीं वसीम कुरैशी ने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी और परिवार के साथ मटन की दुकान चलाता था। एक ग्राहक सरदार से उसकी मुलाकात हुई, जिसने उसे हथियारों की सप्लाई के इस धंधे में शामिल कर लिया। वसीम पहले भी 6 आपराधिक मामलों में संलिप्त रह चुका है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि अवैध हथियार सप्लाई चेन को जड़ से खत्म करने के लिए ऐसे ऑपरेशन लगातार चलाए जा रहे हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से और पूछताछ की जा रही है ताकि इस गिरोह के बाकी सदस्यों तक भी पहुंचा जा सके।





